बहजोई। कलक्ट्रेट सभागार में पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल ने समीक्षा बैठक की।
रविवार को हुई बैठक में पशुपालन मंत्री ने गो आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अस्थायी रूप से गोशाला स्तर पर भूसा बैंक बनाया जाए। प्रत्येक गोआश्रय स्थल पर करीब 10 कुंतल भूसा उपलब्ध रहने को कहा। इस बीच भूसा दान प्रक्रिया को लेकर भी बातचीत की।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कि जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख आदि जन प्रतिनिधियों का भी सहयोग लेकर भूसा का उचित प्रबंध किया जाए। उन्होंने कहा कि गोचर भूमि को कब्जा मुक्त कराकर हरा चारा बोया जाए। कोई भी गोवंश गो आश्रय स्थल पर भूखा न रहे।
कैबिनेट मंत्री ने गो आश्रय स्थल का उचित संरक्षण करने पर जोर दिया। नस्ल सुधार पर भी कार्य करने को कहा। वहीं, कैबिनेट मंत्री ने किसानों को गायों के कृत्रिम गर्भाधान के लिए प्रेरित करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि पशुओं के खुरपका-मुंहपका टीकाकरण समेत पशुओं को लू से बचाव के लिए भी उपाय किए जाएं। वहीं, गो आश्रय स्थलों में गोबर गैस प्लांट व वर्मी कम्पोस्ट को लेकर भी निर्देशित किया।