संभल। जनपद में दिन का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। जहां गर्मी से लोग बेहाल हैं। इस बीच एक सप्ताह में बिजली की खपत भी लगभग 50 मेगावॉट बढ़ गई। पहले जहां लगभग 380 मेगावॉट मांग थी, वह अब 432 के करीब पहुंच गई है। खपत बढ़ने से जिले की बिजली व्यवस्था हांफने लगी है। दिन भर में कटौती के साथ हर आधे घंटे में ट्रिपिंग हो रही है, जिससे आम लोग परेशान हो गए हैं। बिजली निगम के अफसरों की मानें, तो आने वाले दिनों में यह मांग और बढ़ेगी।
संभल जनपद में संभल डिवीजन, चंदौसी और बबराला डिवीजन के साथ पवांसा सब डिवीजन के करीब 55 बिजलीघर हैं। इनसे करीब चार लाख उपभोक्ताओं को आपूर्ति मिलती है। बीते सप्ताह में तापमान बढ़ा तो बिजली की मांग भी बढ़ गई। एक सप्ताह में ही करीब 50 मेगावॉट की बढ़ोतरी हुई है।
दोपहर के वक्त तापमान अधिक रहने के कारण घरों में एसी, कूलर चल रहे हैं, जिससे खपत बढ़ जाती है। वहीं, शाम को व्यापारिक प्रतिष्ठानों से जुड़े फीडरों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ जाता है। इससे ट्रिपिंग की समस्या भी पैदा हो गई है।
शहर हो, या फिर ग्रामीण क्षेत्र हर 30 मिनट पर बिजली ट्रिप हो रही है। ट्रिपिंग से लोगों की रातों की नींद उड़ गई है। गर्मी में बिजली न मिलने से सबसे ज्यादा परेशानी बच्चे, बुजुर्ग व बीमार को हो रही है।
बता दें कि जिला मुख्यालय पर 24 घंटे, तहसील पर 21.30 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली देने प्रावधान है। विद्युत निगम के अफसर रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति देने का दावा भी कर रहे हैं लेकिन हकीकत अलग है। शहरी क्षेत्रों में 24 में से 19-20 घंटे आपूर्ति मिल रही है।
वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे के सापेक्ष 10 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थिति यह है कि उमस भरी गर्मी के चलते लोगों को न तो बाहर चैन मिल रहा है और न ही घर में राहत मिल पा रही है।
उम्मीद के हिसाब से खपत ज्यादा बढ़ गई है। बीते सप्ताह में 50 मेगावॉट तक खपत बढ़ी है। आने वाले दिनों में और बढ़ने की उम्मीद है। प्रयास है कि निर्बाध आपूर्ति मिलती रहे।
-रघुनाथ तित्तल, एक्सईएन, संभल