उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली व्यवस्था का निजीकरण का निर्णय लिया है। इसके विरोध में बिजली कर्मचारियों के संगठन ने मोर्चा खोल दिया है। उनकी प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर शासन और प्रशासन भी सतर्क हो गया है। हड़ताल से जनता को कोई परेशानी न हो, इसके लिए डीएम आनंद कुमार सिंह ने बैठक कर उप जिलाधिकारियों को आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
उन्हें सब स्टेशनों का भ्रमण करने के निर्देश दिए। संविदा कर्मचारियों के माध्यम से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। संभल के अपर जिलाधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। वहीं पर अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। पावर फार आल योजना को प्रदेश सरकार लागू करने जा रही है।
इसके तहत प्रदेश के चिह्नित नगरों में विद्युत वितरण प्रणाली के विस्तार औैर सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक पूंजी निवेश की व्यवस्था, लाइन हानि को कम करने, उपभोक्ता सेवाओं में वांछनीय सुधार लाने तथा शासन के सीमित वित्तीय संसाधन को ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत वितरण प्रणाली के विस्तार घरों को विद्युत संयोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी व्यवस्था को लागू किया जाना है।
इस निर्णय के विरोध में विद्युत संगठनों ने आंदोलन का मन बनाया है। पहले चरण में निजीकरण की व्यवस्था लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ और मुरादाबाद में लागू होगी पर संगठन प्रदेश भर
में कार्य बहिष्कार की तैयारी कर रहा है।