संभल। गांव किसौली में पिछले आठ दिन से बिजली सप्लाई नहीं मिल रही है। गांव के 70 घरों में बिजली नहीं है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से शिकायत की लेकिन निस्तारण न होने पर मंगलवार की दोपहर विरोध प्रदर्शन किया।
पवांसा के गांव किसौली में दो ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं। एक ट्रांसफार्मर पिछले तीन महीने से खराब है। दूसरा ट्रांसफार्मर 8 दिन पहले खराब हुआ। इसकी शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1912 पर की। विभाग के आला अधिकारियों को भी सूचना दी। मगर अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। किसौली निवासी राहुल यादव ने बताया कि बिजली न आने से ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे हैं। किसौली निवासी पुष्पेंद्र यादव ने बताया कि भीषण गर्मी में छोटे-छोटे बच्चों की हालत खराब हो रही है। मगर विद्युत विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। जबकि शासन का आदेश है कि 72 घंटे में ग्रामीण क्षेत्र के खराब पड़े ट्रांसफार्मर को बदला जाए।
चाचू नागल में चौबीस घंटे में मात्र छह घंटे मिल रही बिजली
सौंधन/संभल। कैलादेवी बिजली घर के गांव चाचू नागल की मड़ैया में आठ ट्रांसफार्मर हैं। इसमें छह ट्रांसफार्मर तीन महीने से खराब पड़े हैं। गांव की अस्सी फीसदी आबादी को बिजली सप्लाई नहीं हो रही है। मात्र दो ही ट्रांसफार्मर से बिजली सप्लाई हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक जिन लोगों को बिजली मिल रही है उन्हें भी 24 घंटे में पांच-छह घंटे ही बिजली सप्लाई मिलती है। इससे फसलों की सिंचाई प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह ट्रांसफार्मर भी खराब हो गए तो पूरे गांव में अंधेरा छाया जाएगा। क्योंकि दोनों ट्रांसफार्मर ओवरलोड चल रहे हैं।
चिरौली भगवंतपुर गांव में ट्रांसफार्मर खराब होने से पचास घरों में बिजली नहीं
संभल। पवांसा के गांव चिरौली भगवंतपुर में भी ग्रामीणों की लगातार शिकायत के बाद तीन ट्रांसफार्मरों में से सिर्फ एक ही ट्रांसफार्मर सही कराया गया है। बाकी दो ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं। इससे करीब 50 घरों में अंधेरा छाया हुआ है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि आखिर इतनी गर्मी में भी बिजली विभाग ट्रांसफार्मर नहीं बदल रहा है तो कब बदलेगा।