ओबरी (संभल)। दो दिन पहले मनोटा-चौधरपुर मार्ग पर गांव मनोटा में सड़क हादसे में घायल हुए चंदवार निवासी करन सैनी (70) की शनिवार की देररात उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजन शव लेकर रविवार की दोपहर गांव पहुंचे और मनोटा पुल के तिराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। मंसूरपुर पुलिस चौकी के प्रभारी मोहित चौधरी को भीड़ ने गिराकर पीटा तो अन्य पुलिसकर्मियों ने लाठी चलाकर भीड़ को हटाया। काफी देर की मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया गया। कुछ लोग शव लेकर गांव पहुंचे और अंतिम संस्कार किया। अब पुलिस उन लोगों की तलाश कर रही है, जिन्होंने माहौल खराब कराया है। वहीं, दूसरी ओर करीब 40 मिनट तक यातायात प्रभावित रहा। वाहनों की लंबी कतार लग गई।
शुक्रवार दोपहर गांव चंदवार निवासी करन सैनी अन्य चार लोगों के साथ मनोटा की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान कार चालक ने टक्कर मार दी थी। इसमें करन सैनी को गंभीर चोट आई थी। अन्य तीन को मामूली चोट लगी थी। परिजन करन सैनी का उपचार मुरादाबाद में करा रहे थे। शनिवार की देररात उपचार के दौरान ही मौत हो गई। रविवार की दोपहर परिजन शव लेकर गांव पहुंचे तो पुलिस पर तत्काल कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए जाम लगाया। पुलिस से मांग की थी कि आरोपी कार चालक को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
भीड़ ने आरोप लगाया कि जिस चालक से हादसा हुआ उसको पुलिस ने बचा लिया और दूसरे चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। हालांकि असमोली सीओ कुलदीप कुमार ने भीड़ को बताया कि हादसे में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच के आधार पर आरोपी चालक को गिरफ्तार किया जाएगा।
इसके बाद भी भीड़ ने आक्रोश जताया और पुलिस पर हमला कर दिया। सीओ कुलदीप कुमार ने बताया कि मृतक के बेटे हरिओम सैनी की तहरीर पर अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद भी किसी ने उकसाया है और जाम लगवाया गया।
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दरोगा चोटिल, वर्दी भीड़ ने फाड़ी, कई हिरासत में लिए गए
चौकी प्रभारी मोहित चौधरी ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया तो महिला और पुरुष सभी ने मारपीट शुरू कर दी। भीड़ ने जमीन पर गिराकर खींचतान की तो वर्दी भी फट गई। अन्य पुलिसकर्मियों से भी काफी देर तक हाथापाई की गई। इसमें चौकी प्रभारी चोटिल हुए हैं। पुलिस ने मौके से कई लोगों को हिरासत में लिया है। एक सेना का जवान और पूर्व प्रधान भी हिरासत में बताया जा रहा है। यह दोनाें भी भीड़ का हिस्सा थे। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
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कोट
परिजन शव लेकर घर जा रहे थे पर कुछ लोगों के द्वारा पुलिस के खिलाफ उकसाया गया। इस कारण जाम लगाया और मामला बढ़ा। ऐसे लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-कुलदीप कुमार, सीओ, असमोली