इसके बाद ही गांव में दिवाली मनाई जाएगी। साथ ही शहीद के गांव के लोगों ने चाइनीज सामान का विरोध करते हुए हर घर को मिट्टी के दीये से रोशन करने का निर्णय लिया है।
पसनुखा मिलकर निवासी सुधीश कुमार 16 अक्तूबर को सीमा पर लड़ते-लड़ते शहीद हो गए थे। शहीद सुधीश कुमार गांव के हर लोगों को चाहते थे। ऐसे में जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो पूरे गांव के साथ क्षेत्र के लोग भी शहीद के अंतिम दर्शन करने के लिए उमड़ पड़े थे। 27 अक्टूबर को शहीद की समाधि पर श्रद्घांजलि सभा का आयोजन भी किया गया। उसी दिन ग्रामीणों ने दिवाली को शहीद सुधीश कुमार को समर्पित करने का निर्णय लिया था। इतना ही नहीं गांव वालों ने चाइनीज समान का विरोध करते हुए दिवाली का पहला दिया शहीद की समाधि पर जलाने की बात कही है। इसके बाद ही गांव में दिवाली मनाई जाएगी। दीयों के साथ समाधि सोलर लाइट से भी जगमग रहेगी।