असमोली में कोरोना के खतरे से निबटने के लिए बंद कराई गई साप्ताहिक बाजार।
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ओबरी/संभल। रविवार को जनता कर्फ्यू के एलान के बाद से शनिवार को सब्जी और राशन की दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। लोगों ने रोजाना खपत की चीजों में सबसे ज्यादा सब्जियां खरीदीं। इससे फुटकर बाजार में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में तेजी रही। व्यापारियों ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू में पूर्ण तरीके से कारोबारी बंदी की घोषणा की है।
कोरोना के फैलते संक्रमण ने लोगों में खौफ पैदा कर दिया है। स्कूल कालेज बंद होने से बच्चे बाहर नहीं निकल रहे हैं। घर में बडे़ लोग ही जरूरी कामकाज से बाहर जा रहे हैं। कोरोना के संक्रमण से रोगियों की संख्या बढ़ने से लोगों में खौफ है। ऐसे में शनिवार को मनोटा पुल चार बाग में लगने वाले साप्ताहिक बाजार से लोगों ने आवश्यक वस्तुएं खरीदने की तैयारी की थी लेकिन एहतियातन इस बार बाजार नहीं लगने दिया गया।
रविवार सुबह 7 बजे से जनता कर्फ्यू को देखते हुए असमोली, ओबरी, शहबाजपुर कलां, मढन, गुमसानी आदि गांवों में किराना और सब्जी की दुकानों में काफी भीड़ रही। अचानक खाद्य वस्तुओं की मांग बढने से कीमतों में तेजी रही। पेट्रोल पंपों पर तेल भरवाने को वाहनों की कतारें लग गई। उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारी रविवार को व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रखेंगें। क्योंकि जनता कर्फ्यू वायरस के जीवन चक्र तोड़ने के लिए जरूरी है।
पैंठ बार बार उजड़ती रही और लगती रही
ओबरी। मनोटा पुल पर शनिवार को लगने वाली पैंठ पुलिस ने बंद करा दी। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए एहतियातन यह कार्रवाई की गई। बाजार में दुकानदार अपनी दुकानें लगा चुके थे। अचानक पहुंची पुलिस ने दुकानें हटाने के लिए कहा तो खलबली मच गई। देखते ही देखते चंद मिनट में ही पूरा बाजार खाली नजर आने लगा। इसके बाद कुछ दुकानदार ओबरी गांव में पहुंचे। कुछ मनोटा गांव के अंदर राशन सब्जी की दुकानें लगाकर बैठ गए। लेकिन कुछ समय बाद ही उन्हें यहां से भी हटना पड़ा। जबकि कुछ दुकानदार मनोटा पुल सैदनगली तिराहे पर अपनी-अपनी दुकानें जमा कर बैठ गए। इधर उधर बैठे दुकानदारों ने चीनी, दाल, नमक, तेल आदि खाद्य वस्तुएं मनमाने दाम पर बिक्री की है।