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शराब पीने को जमीन बेचने का विरोध करने पर पिता ने बेटी को गोली से उड़ाया

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गुन्नौर कोतवाली में पुलिस की गिरफ्त में आरोपी नेमपाल सिंह। - फोटो : CHANDAUSI
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जुनावई/चंदौसी। गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैतृक जमीन बेचने का विरोध करने वाले बड़े बेटे का पक्ष लेने पर एक पिता ने अपनी इकलौती बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी। साथ ही शोर मचा दिया कि उसकी बेटी ने स्वयं गोली मार ली है। लेकिन छोटे बेटे ने उसका भेद खोल दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हत्यारोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। बेटे की तहरीर पर पिता के खिलाफ बेटी की हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के बंधरई गांव में शुक्रवार की रात कब्रिस्तान के पास कव्वाली हो रही थी। गांव का नेम सिंह भी अपनी बेटी नीतेश कुमारी उर्फ नितलेश (18) और छोटे पुत्र सौरभ को घर में सोता छोड़कर कव्वाली देखने चला गया लेकिन रात को वह करीब तीन बार कव्वाली छोड़कर घर आया और फिर कव्वाली सुनने गया। लेकिन अंत में रात्रि करीब डेढ़ बजे घर पहुंचा।
आरोप है कि नेम सिंह ने तमंचे को बेटी नीतेश के पेट से सटाकर गोली मार दी। तमंचे को उसके सिरहाने रख दिया। शोर मचा दिया कि उसकी बेटी ने तमंचे से खुद को गोली मार ली है। छोटा बेटा सौरभ व आसपास के लोग पहुंचे तो मृतका के सिरहाने से तमंचा भी उठाकर नेम सिंह ने ही निकाल कर दिया। लेकिन बेटा सौरभ उसी समय चीखने लगा कि उसकी बहन ने खुद गोली नहीं मारी बल्कि उसके पिता ने उसकी हत्या की है। सूचना पर कोतवाली प्रभारी प्रवीण सोलंकी मौके पर पहुंचे तो मृतका के भाई सौरभ ने अपने पिता की सारी करतूत बया कर दी।
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पिता पर परिवार की महिलाओं पर गलत निगाह रखने का आरोप लगाते हुए उसने बताया कि उसका पिता शराब पीने का आदी है। सालभर पहले 13 बीघा जमीन बेचकर शराब पी गया। अब फिर जमीन बेचना चाहता था। जिसका उसके बड़े बेटे गौरव ने कड़ा विरोध किया। बहन नीतेश ने भी अपने भड़े भाई का मजबूती के साथ पक्ष लिया। इस कारण महीने भर पहले पिता ने नीतेश को भी डंडा मारा था।
जमीन बेचने में बाधक बनी अपनी बेटी नीतेश की शुक्रवार की रात मौका मिलते ही गोली मारकर हत्या कर दी।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि शराब पीने के लिए जमीन बेचने का गौरव व नीतेश विरोध कर रहे थे, गौरव तो दिल्ली रहने लगा। घर पर नीतेश ही नेमपाल सिंह के लिए बड़ा कांटा थी। इसलिए उसने ही अपनी बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी है। सौरभ की तहरीर पर पिता नेमपाल सिंह के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मौके से 315 बोर का तमंचा व कारतूस का खोखा बरामद कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बड़े बेटे की हत्या के लिए भी बदमाश बुलाए थे
जुनावई/चंदौसी। मृतका नीतेश के छोटे भाई सौरभ ने पुलिस को बताया कि उसका बड़ा भाई गौरव पहले घर पर ही रहता था। पिता ने 13 बीघा जमीन बेच कर सारे रुपये शराब में उड़ा दिए और शेष जमीन का सौदा करने लगा तो गौरव व नीतेश ने जमीन बेचने का विरोध किया। इस पर उसके पिता ने उसके बड़े भाई की हत्या कराने के लिए बदमाश बुलवाए थे लेकिन ग्रामीणों को भनक लग गई तो बदमाशों को दौड़ा लिया था। इसके बाद पिता से मौत का खतरा हो जाने के बाद गौरव ने घर छोड़ दिया और दिल्ली में रहने लगा। सौरभ ने अपने पिता पर कुछ अमानवीय व अति गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
बेटी के ही हाथों मंगाया उसकी मौत का सामान
चंदौसी/जुनावई। नेमपाल सिंह के बंधरई गांव में दो घर हैं। एक में तो परिवार सहित रहता है। दूसरा कुछ दूरी पर है, जिसमें खेती किसानी का सामान रहता है। कोतवाली प्रभारी प्रवीण सोलंकी ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में पता चला कि तमंचा दूसरे घर पर रखा था। जिस बेटी को मौत के घाट उतारा, उसी बेटी से शुक्रवार को दूसरे घर में रखा तमंचा मंगाया था। घटना स्थल वाले घर में जमीन में गाड़कर कारतूस रखे थे। उन्हें भी देर रात ही खोदकर निकाला था।
नेम सिंह की शराब की लत ने घर को कर दिया बर्बाद
चंदौसी। बंधरई गांव निवासी नेमपाल सिंह की पत्नी की करीब पंद्रह साल पहले संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मौत हो गई थी। उस समय भी नेमपाल पर पत्नी को जलाकर मारने का आरोप लगा था। लेकिन मायके वालों ने समझौता हो जाने के कारण कोई मुकदमा नहीं लिखा था। चार साल पहले उसकी बड़ी बेटी की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। आरोप है कि नेम सिंह के परिवार की महिला पर गलत निगाह रहती थी। वह शराब पीकर कुछ भी करने की स्थिति में आ जाता था। आसपास के ग्रामीण बताते हैं कि उसने अपनी बेटी को भूखा प्यासा कमरे में बंद कर दिया था, जिससे भूख से तड़प कर उसकी मौत हो गई थी। उसके दो बेटे व दो बेटियां थी। बड़ी बेटी की मौत के बाद नीतेश इकलौती बेटी रह गई थी।
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