संभल। जनपद के जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्रभूषण के विरुद्ध 50 लाख से ज्यादा की वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर शासन ने विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी है। शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से महिला कल्याण के लखनऊ स्थित निदेशालय से संबद्ध कर दिया है।
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल की आख्या के आधार पर महिला कल्याण अनुभाग-1 की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के नियम-7 के तहत विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। शासनादेश के अनुसार जिला प्रोबेशन अधिकारी पर जैम पोर्टल के माध्यम से क्रय एवं अनुबंध प्रक्रिया में अनियमितता बरतने, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत बेबी किट की खरीद में अनियमितता करने, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में लैपटॉप खरीद तथा मिशन वात्सल्य आदि योजनाओं के संचालन में गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताएं करने के आरोप हैं।
इन मामलों में जांच चल रही है। आरोप है कि जांच में जिला प्रोबेशन अधिकारी अपेक्षित सहयोग नहीं दे रहे। शासकीय धन के दुरुपयोग, उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना, अधीनस्थ कार्यों के शिथिल पर्यवेक्षण तथा पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने जैसे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर शासन ने विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करते हुए उन्हें को तत्काल प्रभाव से लखनऊ निदेशालय से संबद्ध करने के आदेश दिए हैं।
शासन के आदेशों का अक्षरशः पालन कराया जाएगा। शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन, जवाबदेही और सुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी योजनाओं का प्रभावी एवं पारदर्शी संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
अंकित खंडेलवाल, जिलाधिकारी