बल्कि दिन-प्रतिदिन अस्पताल की व्यवस्था खराब होती जा रही है। ओपीडी का समय सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक है। शनिवार को सुबह आठ बजे से मरीज जिला अस्पताल में दवाई लेने के लिए पहुंचने शुरू हो गए थे लेकिन 11 बजे तक डाक्टर अस्पताल नहीं पहुंचे। ऐसे में मरीजों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामा की सूचना पर तत्काल डाक्टर अस्पताल में आ गए। इसके बाद अस्पताल में डा. जितेंद्र सिंह पहुंचे। उन्होंने मरीजों का उपचार करना शुरू किया। जबकि डा. प्रदीप अग्रवाल का कक्ष खाली पड़ा था। उनके कक्ष में मेज पर एक रजिस्टर रखा था।
संभल। जिला अस्पताल में दिन प्रतिदिन बढ़ रही अव्यवस्था को देखते हुए अब अस्पताल में मरीज कम होने शुरू हो गए हैं। जब जिला अस्पताल व्यवस्थित तरीके से चल रहा था तब 500 से लेकर 800 मरीज आते हैं। लेकिन पांच दिनों से मरीजों की संख्या घटकर 300 से 400 रह गई है। जबकि स्वास्थ्य विभाग इस बात को मानने को तैयार नहीं है।
डाक्टर समय से अस्पताल नहीं पहुंचे। इसकी जानकारी मुझे नहीं है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। डाक्टरों की कमी के चलते दिक्कत आ रही है। एक डाक्टर इमरजेंसी और एक डाक्टर ओपीडी के लिए अतिरिक्त दे दिया गया है। अब समस्या का समाधान होगा।
- डा. राजवीर सिंह, सीएमओ।