बहजोई (संभल)। सीएमओ कार्यालय में सोमवार को दिव्यांगों के प्रमाण पत्र बनाने के लिए शिविर में दोपहर साढ़े 12 बजे तक चिकित्साधिकारी नहीं पहुंचे। जिसके चलते दूर-दराज के गांवों से प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे दिव्यांग भटकते रहे। जानकारी होने पर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए संबंधित चिकित्साधिकारियों से जवाब तलब करने की बात कही है।
सोमवार को सीएमओ दफ्तर परिसर में दिव्यांगों के लिए प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए जाने के लिए शिविर लगाया गया था। सुबह से ही दूर-दराज के इलाकों से दिव्यांग अपना प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए शिविर में पहुंच गए। दिव्यांग बच्चे, महिलाएं व पुरुष स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए कतार में लगकर चिकित्साधिकारी का इंतजार करने लगे, लेकिन साढ़े 12 बजे तक चिकित्साधिकारी नहीं पहुंचे। करीब तीन घंटे तक कतार में खड़े होने से दिव्यांगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान कुछ दिव्यांग तो वापस घरों को चले गए। पौन बजे चिकित्साधिकारी पहुंचे और दिव्यांगों का परीक्षण किया। नोडल अधिकारी डॉ. विरास ने बताया कि शिविर में 46 दिव्यांगों के प्रमाण पत्र बनाए गए हैं। जबकि 11 रिजेक्ट कर दिए हैं।
बोले दिव्यांग...
सुबह समय से शिविर में पहुंच गए थे। दोपहर तक चिकित्साधिकारी नहीं पहुंचे। इससे काफी परेशानी हुई। दूर से आए हैं। अब घर पहुंचने में भी देर हो जाएगी। -लौंगश्री, गांव सिसौना, ब्लॉक पंवासा
कतार में खड़े हुए करीब दो घंटे से अधिक हो गए, लेकिन अभी तक चिकित्साधिकारी ही नहीं आए हैं। कब तो स्वास्थ्य परीक्षण होगा और कब घर वापस लौटेंगे। -खेमपाल, गांव थरेसा, ब्लॉक पंवासा
करीब दो घंटे से ज्यादा कतार में खड़े होकर डॉक्टरों का इंतजार कर रहा हूं। अभी तक डॉक्टर नहीं आए हैं। काफी परेशानी हो रही है। घर जाने में भी देर हो जाएगी। ब्रजपाल, गांव पनसुखा, ब्लॉक संभल
जैसे-तैसे प्रमाण पत्र बनवाने के लिए शिविर में आया हूं। लेकिन अभी तक डॉक्टर नहीं आए हैं। इससे काफी दिक्कत हो रही है। विभागीय उच्चाधिकारियों को ध्यान देना चाहिए। -प्रताप, गांव सैंजना-अहरान, ब्लॉक गुन्नौर
शिविर में चिकित्साधिकारियों के देरी से आने को लेकर जवाब-तलब किया जाएगा। कोशिश रहेगी कि अगली बार शिविर में सभी चिकित्साधिकारी व विशेषज्ञ समय से पहुंचें और किसी भी दिव्यांग को कोई भी परेशानी न होने पाए। -डॉ. तरन्नुम रजा, सीएमओ