गांव हाफिजपुर में डीजे बंद कराने पर ट्रैक्टर के आगे लैटा कांवड़िया।
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इन कांवड़ियों को शनिवार को गांव के ही शिव मंदिर पर जलाभिषेक करना था, वे जुलूस निकालने वाले थे। इसकी भनक लगने पर शुक्रवार को ही मुस्लिम समुदाय के लोग अपने मोहल्लों से जुलूस के निकलने पर ऐतराज जता रहे थे।
बताया जा रहा है कि, सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कर दिया था। सहमति बनी थी कि मुस्लिम मोहल्लों में डीजे नहीं बजाया जाएगा। इस मामले मंे संभल कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन गिरी ने 23 नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इधर, शनिवार सुबह टांडा चौकी इंचार्ज रनवीर सिंह पहुंचे और बज रहे डीजे बंद करने की बात कहने लगे, मगर कांवड़िये नहीं माने। आरोप है कि, इस बीच दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने अपनी छतों पर ईंट पत्थर, लाठी, डंडे जमा कर लिए। लोग छतों पर थे और जुलूस आने का इंतजार कर रहे थे। तकरीबन सुबह साढ़े नौ बजे जुलूस मुस्लिम इलाके में पहुंचा तो पुलिस ने इसे रोक दिया।
डीजे की लीड तोड़ कर फेंक दीं। इससे कांवड़िये खफा हो गए और पुलिस से खींचतान करने लगे। इस पर पुलिस ने डीजे वाले ट्रैक्टर के चालक को थप्पड़ जड़ दिए। इससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
कांवड़िये डीजे के साथ ही आगे बढ़ने पर अड़ गए। स्थिति को देखते हुए शासन तक मैसेज चला गया। संभल के साथ मुरादाबाद, अमरोहा के थानों की पुलिस बुला ली गई। एसपी बालेंदु भूषण समेत भारी पुलिस बल गांव पहुंच गया। पीएसी को भी बुला लिया गया। हर छत पर चढ़कर पुलिस कर्मियों ने पत्थरों और डंडों को हटाया। हंगामा करने वाले लोगों को डंडा फटकार कर खदेड़ा और दो घंटे में कांवड़ियों को कड़ी सुरक्षा के बीच आगे बढ़ाया। संभल के एसपी बालेंदु भूषण ने बताया कि बवाल के हालात पैदा करने वालों पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। गांव में पुलिस बल तैनात है। निगरानी रखी जा रही है। बवाली लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। अपर जिलाधिकारी आरपी यादव ने भी गांव का दौरा किया है।