फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हर्षोल्लास से मनाया गया रोशनी का पर्व दीपावली

विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को चारों ओर दीपों के पर्व दीपावली की धूम रही। हर्षोल्लास से दीपावली का पर्व बनाया गया। शहर से लेकर देहात तक घर रोशनी में जगमगाते नजर आए। सुबह से ही बाजार में लोगों की भारी भीड़ उमड़ती रही।
विज्ञापन

पांच दिवसीय दीपों उत्सव में महालक्ष्मी का पूजन लोगों ने उत्साहपूर्वक किया। घरों को लक्ष्मी पूजा के लिए सजाया गया था। आकर्षक रंग रोगन के साथ ही घर रोशनी से चमक रहे थे। घरों और प्रतिष्ठानों पर मां लक्ष्मी का पूजन किया गया। दिन ढलते ढलते सभी के आवासों, प्रतिष्ठानों आदि पर मोमबत्ती, दीपक लग गए। व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद करने के बाद उनके बाहर दीपक जलाए। इसके बाद आतिशबाजी का दौर शुरू हुआ। परिजनों ने मिलकर मकानों की छत पर जाकर खूब आतिशबाजी की। चकरी, अनार, रॉकेट, फुलझड़ी, स्काई शॉट्स आदि छोड़कर सभी ने आतिशबाजी का आनंद लिया। छोटे बच्चों में आतिशबाजी को लेकर बहुत उत्साह रहा। देर रात तक पटाखों की आवाज गूंजती रही।
जले में दीपावली पर लोगों ने ध्वनि प्रदूषण को कम रखने में प्रशासन का सहयोग किया। ज्यादा आवाज वाले पटाखे नहीं छोड़े गए। लोगों ने तेज आवाज वाले पटाखों के मुकाबले चकरी, फुलझड़ी, अनार आदि को ज्यादा तबज्जो दी। मालूम हो कि शासन द्वारा ध्वनि के मानक निर्धारित किए गए हैं। ध्वनि के मानकों पर दीपावली पर छूट दी जाती है। अधिकतम 125 डीएसबी (डेसिबल) तक की आवाज के पटाखे छोड़े जा सकते हैं। दीपावली पर इसकी निगरानी के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग को जिम्मेदारी दी जाती है। तेज आवाज वाले पटाखे शहर में नहीं चलाए गए। शहर वासियों ने तेज आवाज वाले पटाखों के मुकाबले चकरी, अनार, फुलझड़ी आदि को तबज्जो दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें