संभल। संभल तहसील क्षेत्र के गांव चिमियावली में जिले का पहला सोलर ऊर्जा प्लांट लगेगा। इसकी क्षमता एक मेगावॉट होगी। सोलर ऊर्जा से किसानों को बिजली सप्लाई मिलेगी। इससे न सिर्फ फसल की सिंचाई मुफ्त होगी, बल्कि बिजली की किल्लत से भी नहीं जूझना पड़ेगा।
दरअसल, सौर ऊर्जा नीति 2022 के क्रम में पीएम कुसुम योजना घटक सी-2 के तहत प्रथक कृषि फीडरों का सोलराइजेशन किया जाना है। इसके लिए संभल क्षेत्र के चिमियावली फीडर को सोलर पावर प्लांट से जोड़ने की योजना है। इस फीडर से गांव फिरोजपुर और मखदूमपुर का एरिया कवर होगा। 200 से अधिक किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए बिजली की किल्लत नहीं झेलनी पड़ेगी। क्योंकि निजी नलकूपों का संचालन करने के लिए ऊर्जा निगम पर निर्भरता कम हो जाएगी। सूर्य की किरणों से बनी बिजली का उपभेाग किसानों द्वारा किया जाएगा। यूपी नेडा के जनपदीय परियोजना अधिकारी एसके सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी संभल के स्तर से चिन्हित सब स्टेशन के निकट सोलर प्लांट की स्थापना के लिए चार एकड़ भूमि के चिन्हांकरण कराने की तैयारी है। जमीन चिन्हित होने के बाद भूमि का हस्तांतरण होगा और फिर सोलर प्लांट का निर्माण कराने के लिए टेंडर प्रक्रिया होगी। अनुमान के मुताबिक सोलर पावर प्लांट की स्थापना पर ढाई से तीन करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं।
जगह न मिलने पर किराए पर लेंगे भूमि, ग्रामीणों की बढ़ेगी आमदनी
संभल। प्लांट लगाने के लिए चार एकड़ भूमि की जरूरत है। जगह न मिलने पर योजना के तहत प्लांट लगाने के लिए किसानों व ग्रामीणों से किराए पर भूमि ली जाएगी। जमीन लीज पर ली जाएगी। प्रतिमाह किराया दिया जाएगा। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी।
चिन्हित ग्राम पंचायत में भूमि चिन्हित कराई जा रही है। सोलर प्लांट लगाने का कार्य जल्द कराया जाएगा।-एसके सिंह, नेडा के परियोजना अधिकारी।