संभल। जिला अस्पताल में ब्लड बैंक संचालन एक सप्ताह के अंदर हो जाएगा। लाइसेंस जारी हो गया है। जो जरूरी प्रक्रिया रह गई है उसको पूरा कर संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इस ब्लड बैंक की क्षमता एक हजार यूनिट होगी। जो जिले के लिए काफी मानी जा रही है। निशुल्क ब्लड मिलेगा। डोनर को साथ लाना होगा। जिला अस्पताल बने हुए तो 12 वर्ष से ज्यादा का समय हो गया है। ब्लड बैंक नहीं होने से काफी मरीज हायर सेंटर रेफर करना पड़ते हैं। मजबूरन लोग निजी अस्पताल में मरीज भर्ती कराते हैं और निजी ब्लड बैंक से ही ब्लड लेते हैं। इससे आर्थिक नुकसान पहुंचता है। पिछले वर्ष से ब्लड बैंक के संचालन के लिए सीएमएस डॉ.अनूप अग्रवाल ने प्रक्रिया शुरू की थी। स्वीकृति मिलने के बाद लाइसेंस जारी होने में समय लग रहा था। बृहस्पतिवार को लाइसेंस जारी हो गया। पैथोलॉजिस्ट डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि ब्लड बैंक संचालन से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों को यदि ब्लड की जरूरत रहेगी तो निशुल्क ब्लड उपलब्ध कराया जाएगा। डोनर को साथ लाना होगा। यदि कोई प्राइवेट अस्पताल में मरीज भर्ती है और वह ब्लड लेना चाहता है तो 1050 रुपये रखरखाव की फीस देनी होगी। पैथोलॉजिस्ट डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में पूरी व्यवस्था है। ब्लड चढ़ाने के लिए कहीं दूसरी अस्पताल में जाने की आवश्यकता नहीं है।
हादसों में घायल मरीजों को अक्सर इसलिए रेफर किया जाता है उनका काफी खून बह गया होता है। उपचार के साथ तत्काल खून की जरूरत होती है। इसलिए मजबूरन ऐसे घायलों को हायर सेंटर रेफर किया जाता है। जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. चमन प्रकाश ने बताया कि ब्लड स्टोरेज तो है लेकिन कई बार ब्लड ग्रुप नहीं होता। अब ब्लड बैंक के संचालन से सभी ग्रुप का ब्लड मिल जाएगा।
जिन गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन किया जाता है और ब्लड की जरूरत होती है तो उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। या खून की कमी की जांच में पुष्टि होती है तो ऑपरेशन नहीं किया जाता। क्योंकि ब्लड बैंक का संचालन हो नहीं रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की जेब पर बोझ पड़ता है। अब ब्लड बैंक के ंसंचालन से इन गर्भवती महिलाओं को रेफर नहीं करना पड़ेगा।