बदले मौसम में बेहद सतर्क होने की जरूरत है। अगर सावधानी नहीं बरती तो बुखार और खांसी से जकड़ सकते हैं। ये हम नहीं कह रहे बल्कि हालात बयां कर रहे हैं। जिला अस्पताल में ही रोजाना 500 से 600 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 50 प्रतिशत लोग बुखार से पीड़ित हैं। बुधवार को भी बुखार से पीड़ित 250 मरीज दवा लेने के लिए पहुंचे जबकि खुजली से पीड़ित मरीजों की संख्या लगभग 150 रही। लगभग 100 मरीज खांसी से पीड़ित रहे।
मौसम परिवर्तन होने के बाद से रोगों ने भी लोगों को बुरी तरह जकड़ना शुरू कर दिया है। हालात ये हैं कि हरेक घर में कोई न कोई व्यक्ति बुखार, खांसी या खुजली से पीड़ित हैं। इसकी वजह लोगों के सतर्क नहीं होना भी है। जिसके चलते रोगों से पीड़ितों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। जिला अस्पताल में भी एकाद दिन को छोड़ दें तो 500 या इससे अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। बुधवार को अस्पताल में दवा लेने के लिए पहुंचे सबसे ज्यादा मरीज बुखार से पीड़ित थे।
दूसरे नंबर पर खुजली तो तीसरे स्थान पर खांसी से पीड़ित मरीज थे। ओपीडी में सुबह से दोपहर तक मरीजों की भीड़ लगी रही। पंजीकरण कक्ष, डाक्टरों के कक्ष और दवा वितरण केंद्र से मरीजों की संख्या कम नहीं हुई। तैनात डाक्टरों को भी फुर्सत नहीं मिली। डाक्टरों ने मरीजों को दवा के साथ ही सलाह दी। कहा कि सावधानी बरतने से ही रोगों से दूर होने के साथ ही निजात पा सकते हैं।