चंदौसी। शहर के आवास विकास में निजी अस्पताल और मेडिकल संचालक एक्सपायर एक्सपायर्ड का निस्तारण नाले और कूड़े के ढेर में फेंक कर रहे हैं। ये दवाएं आवारा पशुओं और मोहल्ले के छोटे बच्चों को जाने अनजाने में नुकसान पहुंचा सकती हैं। लापरवाहों का इस ओर ध्यान ही नहीं है।
बृहस्पतिवार को शहर के काली मंदिर के निकट स्थित नाले में काफी मात्रा में एक्सपायर दवा फेंकी गई थी। इसके अलावा कुछ दूरी पर शिव मंदिर के पास कूड़े के ढेर पर भी एक्सपायर्ड दवा की तीन पेटियां पड़ी हुई थीं। जब इन पर कूड़ा बीनने वाले लोगों की नजर, पड़ी तो वह पेटी खोलकर देखने लगे। उन्होंने दवाओं को ओर फैल दिया। ऐसे में सवाल उठता है कि सड़कों पर कूड़े कचरे के ढेर में खाना तलाशने वाले मूक जानवरों को इन दवाओं से नुकसान पहुंच सकता था। इनके अलावा मोहल्ले के छोटे-छोटे बच्चे भी इनको उठा सकते थे। शासन के सख्त आदेश है कि एक्सपायर्ड दवाओं का निस्तारण मिट्टी में दवा कर किया जाए। इसे इधर उधर न फेंका जाए और न जलाया जाए। इसके बाद भी शहर के निजी अस्पताल और मेडिकल संचालक एक्सपायर्ड दवाओं को इधर उधर फेंक कर निस्तारण कर देते हैं।