धनारी।
कस्बे के बूढ़े बाबू मंदिर में जात लगाने के लिए शुक्रवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने परंपरागत तरीके से पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली के लिए मन्नतें मांगीं। वहीं बच्चों ने मेले में झूले का लुत्फ उठाया और महिलाओं ने जमकर खरीदारी की।
कस्बे के ग्राम पंचायत सचिवालय के पास बूढ़े बाबू मंदिर में बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं का सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गया। नगर व ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने गुड़, आटा, देशी घी व लौंग चढ़ाकर परंपरागत तरीके से बूढ़े बाबू की पूजा अर्चना की। साथ ही अपने परिवार के लोगों की खुशहाली की कामना की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने तालाब में मुंह, हाथ धोकर चर्म रोग से निजात पाने के लिए प्रार्थना की। मान्यता है कि बूढ़े बाबू की पूूजा के बाद तालाब के पानी से मुंह हाथ धोने से चर्म रोग दूर हो जाते हैं। उधर, मेले में बच्चों ने खिलौने खरीदे और झूले व चाट - पकौड़ी का आनंद लिया। महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधनों की जमकर खरीदारी की। इस दौरान पुजारी शिवलाल प्रजापति, नरेश प्रजापति, मक्खन प्रजापति, हनुमान मंदिर, परशुराम गिरी, रामेश्वर गिरी आदि मौजूद रहे।
बूढ़े बाबू मेले में उमड़े श्रद्धालु
बनियाठेर। गांव अकरौली स्थित बूढ़े बाबू के मंदिर में शुक्रवार को जात लगाने के लिए भोर से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने मंदिर में पचरंगी अनाज का प्रसाद चढ़ाकर परिवार की खुशहाली की मन्नतें मांगीं। साथ ही मंदिर के पास बने तालाब में स्नान कर अपने परिवार के चर्म रोगों से निजात के लिए प्रार्थना की। वहीं मंदिर के पास शुरू हुए दो दिवसीय मेले में बच्चों व महिलाओं ने व्यंजनों का आनंद लिया। इस दौरान भूपेंद्र प्रजापति, दौलतराम, सीताराम, सोमपाल, गंगाराम, भीकम, नन्हें, अनिल कुमार, संजीव,दुर्वेश, नरेश, अनिल प्रजापति मौजूद रहे।