प्राणवायु को गति प्रदान कर जीवन की रक्षा करती हैं मां चंद्रघंटा
संभल। शिव गोरख मंदिर समिति द्वारा श्री कल्कि पधारो धरती पर शृंखला के तहत पंजू सराय में मां दुर्गा स्तवन की 90वीं कड़ी के तीसरे दिन मां दुर्गा को पान, फल, फूल, ध्वजा, नारियल, शहद, दूध, पंचमेवा, मिश्री, अष्टगंध, घृत आदि से पूजन किया गया। यज्ञ में आहुतियां देकर भारत राष्ट्र की प्रगति, श्री कल्कि के शीघ्र प्राकट्य की कामना की गई। यज्ञाचार्य डॉ. योगी नागेंद्र मोहन ने कहा कि मानव देह की नाभि में स्थित अग्नि स्वरूप धारण कर मां चंद्रघंटा प्राणवायु को गति प्रदान कर जीवन की रक्षा करती है। इस दौरान नरेश सैनी, ज्वालेश श्रीमाली, आनंद सैनी आदि रहे।
चतुर्थ माता कूष्मांडा के दर्शन कर की पूजा-अर्चना
बहजोई। चैत्र नवरात्र में चतुर्थ माता कूष्मांडा की पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने मंदिरों में भजन-कीर्तन किया।मंगलवार को मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने हवन-पूजन कर उपवास रखा। शाम को मंदिरों में महाआरती की गई। माता के जयकारे लगाए गए।