संभल के पातालेश्वर महादेव और चंद्रेश्वर महादेव मंदिर को पर्यटन के लिए विकसित कराएगी सरकार
संभल। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 9 जुलाई 2018 को संभल आए थे। उनके सामने संभल को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बहजोई में आयोजित प्रेसवार्ता में संभल को पर्यटन नगरी के तौर पर विकसित करने की बात कही थी। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद अमर उजाला ने अभियान चलाकर संभल के तीर्थों का महत्व शासन और जिला प्रशासन के सामने रखा।
तीर्थों और पौराणिक स्थलों के अतीत और वर्तमान का उल्लेख करते हुए तीर्थों को विकसित करने की जरूरत को प्रमुखता से उठाया। इसके लिए लोगों की मांग को खबरों के माध्यम से बुलंद किया। इसके बाद संभल जिले के चार तीर्थ, पर्यटन के लिए विकसित किए जाने के लिए चुने थे।
इन तीर्थों के लिए आंशिक तौर पर धनराशि का आवंटन हुआ है। उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव ने बताया कि चंदायन स्थति चंद्रेश्वर महादेव मंदिर के लिए 84.30 लाख की योजना और पातालेश्वर महादेव के लिए 80.96 लाख की योजना मंजूर हुई है। रायसत्ती स्थित भुवनेश्वर महादेव मंदिर के लिए 83 लाख, सूर्य कुंड स्थित मंदिर क्षेत्र को विकसित करने के लिए 75 लाख रुपये की योजना मंजूर की गई है। इसके लिए कार्यदायी संस्थाओं को धनराशि का आवंटन किया गया है। इन स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके तहत यात्री शेड बनेगा ताकि लोग बारिश और धूप के दिनों में आसानी से बैठ सकें। एक-एक धर्मशाला बनेगी। जहां पर लोग ठहर सकेंगे। स्थलों तक पहुंचने लिए मार्ग का पक्का निर्माण होगा। इसके साथ रोशनी का प्रबंध होगा। स्थलीय विकास के अन्य कार्य भी कराए जाएंगे। जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह मंगलवार को सूर्य कुंड और पातालेश्वर महादेव मंदिर में नई योजना के कामों का शुभारंभ कराएंगे। तहसील दिवस के बाद कार्यक्रम होगा।
अमर उजाला की खबरों के बाद बंध गई थी उम्मीदें
संभल। अमर उजाला ने 20 अगस्त 2018 से संभल के तीर्थ और पौराणिक स्थलों को विकसित कराने के लिए अपना संभल शीर्षक से खबरों की श्रंखला प्रकाशित की है। इसमें संभल जिले के अधिकतर पौराणिक स्थलों के विवरण के साथ लोगों की राय प्रमुखता से प्रकाशित की है। इसके बाद लोगों को उम्मीद बंध गई थी सरकार देर सबेर कोई न कोई कदम उठाएगी। इस मामले में मुख्यमंत्री के घोषणा प्रकोष्ठ ने संज्ञान लिया था। पर्यटन विभाग से रिपोर्ट मांगी थी। कुछ अधिकारियों ने संभल के तीर्थों और पौराणिक स्थलों का दौरा किया। जिलाधिकारी खुद भी संभल पहुंचे थे। इसके बाद यह आंकलन किया गया था कि क्या क्या काम इन स्थलों पर कराए जाने हैं।