बहजोई। ब्लॉक क्षेत्र के गांव बरखेड़ा सोनक में बीते करीब तीन दिन से बुखार से पीड़ित डेंगू आशंकित युवक ने दिल्ली के सरकारी अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं गांव में सौ के करीब बुखार पीड़ित होने से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। ग्रामीणों को इंतजार है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंचे और बुखार पीड़ितों को उपचार मिल सके।
रविवार को दोपहर 12 बजे करीब गांव बरखेड़ा सोनक निवासी डेंगू आशंकित टेलर इरफान (22) वर्ष पुत्र शौकीन ने दिल्ली के अस्पताल में दम तोड़ दिया। ग्राम प्रधान यशवीर सिंह यादव के मुताबिक बीते करीब तीन दिन पहले इरफान को बुखार आया था। शनिवार को हालत बिगड़ी और वह बेहोश हो गया। इस पर परिजन उसे संभल के निजी अस्पताल ले गए। स्वास्थ्य लाभ न मिलने पर इरफान को संभल से दिल्ली के हायर सेंटर सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां रविवार को उसने दम तोड़ दिया। परिजनों के मुताबिक दिल्ली में उपचार के समय उसकी प्लेटलेट्स कुल तीन हजार रह गई थीं। इसके अलावा करीब सप्ताह भर से फैले बुखार से गांव में करीब सौ मरीज पीड़ित हैं।
इनमें करीब 22 वर्षीय महिला सुशीला पत्नी दुर्गपाल की हालत गंभीर बनी हुई है। वह तीन दिन से मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती है। साथ ही गांव में महावीर, वेदप्रकाश, शिवम, पूजा, प्रियंका व कुसुम आदि मरीज बुखार से पीड़ित हैं। ग्राम प्रधान का कहना है कि गांव में बुखार होने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है। अभी तक कोई भी टीम गांव नहीं पहुंची है। चिकित्साधीक्षक डॉ. विरास का कहना है कि बुखार का मामला संज्ञान में आया है। गांव में शिविर लगवाकर मरीजों की जांच कराई जाएगी। साथ ही बुखार आदि से पीड़ित मरीजों का उपचार कराया जाएगा।