चंदौसी(संभल)। किसानों की समस्याओं को लेकर शुक्रवार को राष्ट्रीय किसान संघर्ष समिति अराजनैतिक के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार की मौजूदा नीतियों के चलते किसान बेहद खराब दौर से गुजर रहा है। इसके अलावा ज्ञापन में कई मांगों को पूरा करने की सरकार से अपील की गई।
ज्ञापन में बताया गया कि आज किसान न तो अपने बच्चों को अच्छे शिक्षण संस्थानों में पढ़ा पा रहा है और न ही परिवार का समुचित भरण-पोषण कर पा रहा है। सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। यदि यही हालात बने रहे तो किसान खेती-किसानी छोड़ने को मजबूर होगा, जिससे आने वाले समय में देश में खाद्यान्न संकट गहरा सकता है। ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से मांग की गई कि किसानों के सभी कर्ज माफ किए जाएं और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार फसलों का समर्थन मूल्य सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को लागत से अधिक मूल्य मिल सके। साथ ही, विद्युत विभाग द्वारा बढ़ाई गई बिजली दरों को कम करने की मांग भी उठाई गई।
संगठन ने बनियाठेर से हिंदुस्तान प्लेज पार्क तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क परियोजना में असालतपुर जारई क्षेत्र के किसानों की भूमि और प्लेस पार्क की भूमि को शामिल किए जाने की मांग की। इसके अलावा सड़कों के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा सर्किल रेट बढ़ाकर देने की बात भी कही गई। 60 वर्ष से अधिक आयु के महिला व पुरुष किसानों को मासिक पेंशन और आयुष्मान कार्ड देने, चंदौसी से बदायूं तक रेल लाइन बिछाने तथा बुवाई के समय उर्वरक, यूरिया और डीएपी कर मुक्त कर सब्सिडी के साथ उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
ज्ञापन सौंपने वालों में राष्ट्रीय अध्यक्ष रामेश्वर दयाल शर्मा, राहुल कश्यप, मुकेश शर्मा, रामपाल सिंह, ओमवीर सिंह, अमर सिंह तोमर, मनोज कुमार, शानू शर्मा, रामेश्वर पाल, पप्पू तोमर, चीनू जैन, वीरेंद्र सिंह तोमर आदि शामिल रहे।