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हिरण के बच्चे पर आवारा खूंखार कुत्तों का हमला, उपचार के दौरान गई जान

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चंदौसी के गांव कादरपुर कुकैटा में खूंखार कुत्तों के हमले में घायल हिरण का उपचार करते चिकित्सक। उ? - फोटो : SAMBHAL
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संभल। चंदौसी तहसील के गांव कादरपुर कुकैटा में हिरण के बच्चे पर आवारा खूंखार कुत्तों ने हमला किया। इसमें हिरण गंभीर रूप से घायल हो गया। वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों ने पशु चिकित्सक को बुलाकर उपचार कराया। उपचार के दौरान हिरण के बच्चे की मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि आवारा कुत्ते खूंखार हो गए हैं। इनके पकड़ने की व्यवस्था वन विभाग की ओर से नहीं की जा रही। इसी के चलते आए दिन हिरण पर हमला हो जाता है।
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शनिवार की सुबह करीब 7 बजे जंगल में घूम रहे हिरन के बच्चे पर खूंखार कुत्तों ने हमला कर दिया। इसमें हिरण का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने किसी तरह भागकर हिरण के बच्चे को बचाने का प्रयास किया।
ग्रामीणों के शोर मचाने पर आवारा खूंखार कुत्ते भाग गए। किसान प्रेम सिंह ने बताया कि हमला होता देख आसपास के लोगों ने शोर मचा दिया। इससे कुत्ते तो भाग गए लेकिन हिरण का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। इसकी सूचना वन विभाग को दी। तत्काल कोई वन कर्मी मौके पर नहीं आया। काफी समय के बाद वन विभाग के बीट प्रभारी जसवीर गौतम मौके पर पहुंचे और उन्होंने पशु चिकित्सक को बुलाया। उपचार के दौरान दस बजे करीब हिरण के बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद हिरण के बच्चे के शव का पोस्टमार्टम किया गया और दबा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना देने के काफी देर बाद वन विभाग के कर्मचारी पहुंचे। यदि समय रहते उपचार मिल जाता तो हिरण के बच्चे की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने कहा कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए वन विभाग प्रयास नहीं कर रहा है। इसी के चलते आए दिन खूंखार कुत्ते हिरणों पर हमला करते रहते हैं। वहीं दूसरी ओर पशु चिकित्सक डा. नीरज गौतम ने बताया कि कुत्तों के हमले में हिरण का बच्चा गंभीर घायल हो गया था। खून ज्यादा बह गया था जिससे मौत हो गई।
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धान की फसल में लगी कीटनाशक आती है बेहोशी
संभल। पशु चिकित्सक डा. नीरज गौतम ने बताया कि धान की फसल लगी हुई है। इस फसल में किसान कीटनाशक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस फसल में जो पानी भरा होता है उसको हिरण पी लेता है। जिससे बेहोशी आने लगती है। इसी का लाभ खूंखार कुत्ते उठा लेते हैं। यदि हिरण सही हालत में होगा तो कुत्तों को चकमा देकर भाग जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को भी हिरणों की रक्षा के लिए कीटनाशक का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। हिरणों के संरक्षण के लिए यह बेहतर उपाय है।
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