संभल में पांच दिन से लापता युवक की हत्या कर दी गई। उसका शव गांव के बाहर स्थित कब्रिस्तान में दबा मिला। शव को खुली कब्र के अंदर घास व कूड़े से छिपाया गया था। बिना घर वालों को जानकारी दिए शव कब्जे में लेने पर युवक के परिजन पुलिस के खिलाफ भड़क गए। ग्रामीणों के साथ जाम लगाने की कोशिश की। बमुश्किल समझाकर पुलिस ने लोगों को शांत किया।
मोटर और समर्सिबल पंप की रिपेयरिंग का काम करने वाला गांव ईसापुर-मूसापुर निवासी मोहम्मद नदीम (18) कोरोना कर्फ्यू में काम बंद हो जाने से फल बेचने लगा था। वह 27 मई की दोपहर से अचानक लापता हो गया था। तलाश में सफल न होने पर परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर आठ लोगों पर उसके अपहरण का आरोप लगाया था।
पुलिस ने 28 मई को गुमशुदगी दर्ज की और अगले दिन 29 मई को अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। युवक का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इस दौरान मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने लापता होने के पांचवें दिन सोमवार को गांव के कब्रिस्तान से नदीम का शव बरामद कर लिया।
बिना परिजनों को जानकारी दिए पुलिस शव ले जाने लगी तो घर वाले भड़क गए। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर जाम लगाने का प्रयास किया गया। इस जानकारी पर एसडीएम दीपेंद्र यादव, सीओ अरुण कुमार सिंह और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। नदीम के परिजन मामले को हत्या बताते हुए आरोपियों के नाम खुलासा करने की जिद करने लगे। एसडीएम और सीओ ने समझाकर ग्रामीणों को शांत किया। इस दौरान स्वॉट टीम भी मौजूद रही।