हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव घोसीपुरा में आलू के कट्टो से भरी डीसीएम अनियंत्रित होकर पलट गई। इसमें डीसीएम के ऊपर बैठे छह मजदूर दब गए। इसमें एक किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य पांच लोगों का उपचार कराया गया है। हादसे की सूचना पर पहुंचे परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन बिना पुलिस कार्रवाई के ही शव को घर ले गए।
मंगलवार को शाम साढ़े चार बजे करीब गांव घोसीपुरा के एक खेत से डीसीएम में आलू भरकर हयातनगर जा रहे थे। डीसीएम के ऊपर हयातनगर निवासी सत्यप्रकाश की पत्नी शीला, उनकी बेटी राखी और नंदनी, पायल पुत्री करन सिंह, गांव सौंधन निवासी किरन पुत्री सुरेश और मुरादाबाद के मछरिया निवासी प्रियांशी (14) पुत्री प्रवेश बैठकर आ रहे थे। गांव घोसीपुर के बाहर निकलते ही एक नाले के नजदीक आकर डीसीएम अनियंत्रित होकर पलट गई। इसमें प्रियांशी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि अन्य पांच लोग घायल हुए। ग्रामीणों की मदद से मजदूरों को बाहर निकाला गया और जिला अस्पताल भर्ती कराया। जहां प्रियांशी के मृत होने की पुष्टि की गई। प्रियांशी के मामा राजीव ने बताया कि उनकी भांजी उनके घर हयातनगर में पिछले नौ वर्षों से रह रही थी। यहीं रहकर पढ़ाई करती थी। कक्षा छह की छात्रा थी। बोर्ड परीक्षाओं के चलते स्कूल की छुट्टी तो वह मोहल्ले के लोगों के साथ मजदूरी करने के लिए गई थी। घर लौटते समय हादसा हो गया। जिसमें उसकी मौत हो गई। प्रियांशी की मां रानी का रोरो कर बुरा हाल हो गया। हयातनगर थाना इंस्पेक्टर का कहना है कि शव पोस्टमार्टम को भेजने के लिए परिजन मना कर रहे हैं। तहरीर मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।