संभल। सोशल मीडिया के बदलते चलन के बीच साइबर क्राइम की शिकायतों में लगातार इजाफा हो रहा है। लोग अंजाने में धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। आलम यह है कि बिना कुछ सोचे समझे लोग वाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आए लिंक को क्लिक कर देते हैं और उनके बैंक खातों से रुपये साफ हो जाते हैं। संभल जिले में इस तरह की साइबर ठगी बढ़ी है। ऐसे में साइबर क्राइम पुलिस लोगों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दे रही है।साइबर क्राइम से बचाव को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है लेकिन फिर भी तमाम लोग साइबर ठगों के निशानें पर आ रहे हैं। इसका कारण यह है कि साइबर अपराधियों ने भी नए-नए तरीके से अपराध करना शुरू कर दिया है। साइबर क्राइम थाना के प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि साइबर क्राइम से संबंधित महीने में करीब 100 शिकायतें प्राप्त हो जाती हैं। ज्यादातर शिकायतें लिंक भेजकर ठगी से संबंधित होती हैं। लोग अंजाने में उस लिंक पर क्लिक कर देते हैं और खाते से रुपये साफ हो जाते हैं। दूसरी तरफ आधार कार्ड या पेन कार्ड अपडेट कराने की बात कहकर भी साइबर ठग लोगों से ठगी कर रहे हैं। चूंकि यह महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं, इसलिए अपडेट करने को लेकर लोग ज्यादा छानबीन करने से बचते हैं और यही नासमझी उन्हीं ठगी का शिकार बना देती है। क्रेडिट कार्ड अपडेट करने को लेकर ठगी की जा रही है। ऐसे में लोगों को साइबर ठगों से बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। लोग बिना जांच पड़ताल किए न तो किसी लिंक पर क्लिक करें और न ही साइबर ठग द्वारा पूछने पर मोबाइल पर आए ओटीपी या खाते के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएं।
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क्या करें-
.वित्तीय धोखाधड़ी होने पर घबरायें नहीं। तत्काल 1930 व www.cybercrime.gov.in पर शिकायत फोन या वेबसाइट के माध्यम से दर्ज कराएं।
.डेबिट कार्ड का पिन छुपाकर प्रयोग करें।
.एटीएम बूथ में स्कीमर डिवाइस एवं हीडन कैमरा से सतर्क करें।
.ऑनलाइन ट्रांजक्शन एवं गूगल पे, फोन पे, इंटरनेट बैंकिंग को मजबूत पासवर्ड से सिक्योर करें।
.क्रेडिट कार्ड से फंड ट्रांसफर होने पर तत्काल टॉल फ्री नंबर पर सूचित करें एवं बैंक में डिस्पुट फार्म प्रस्तुत करें।
.ऑनलाइन लॉटरी, केबीस, कैशबैक, नौकरी, लोन, बीमा, शॉपिंग आफर्स आदि के लिए आने वाले प्रलोभनों से सावधान रहें।
.वैवाहिक धोखाधड़ी से सावधान रहें। मेट्रोमोनियम साइट्स पर प्रोफाइल में दी गई जानकारियों को विश्वसनीय सूत्रों से सत्यापित कर लें।
.ऑनलाइन शॉपिंग के लिए मान्यता प्राप्त ई कॉमर्स वेबसाइट्स, एप का ही प्रयोग करें।
.यूपीआई पिन का प्रयोग केवल भुगतान के लिए होता है।
.गूगल पे, फोन पे व अन्य ऑनलाइन पेमेंट एप को सतर्कता से उपयोग करें।
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सोशल मीडिया-
.ऑनलाइन डेटिंग साइट्स से दूर रहें।
.हमेशा अल्फान्यूमेरिक स्पेशल करेक्टर के साथ कॉम्पलेक्स पासवर्ड का उपयोग करें।
.विश्वसनीय सोशल मीडिया प्लेटफार्म का ही प्रयोग करें।
.ईमेल आईडी, सोशल मीडिया प्रोफाइल, ई वालेट्स, नेट बैंकिंग आदि के पासवर्ड मजबूत रखें एवं नियमित अंतराल पर बदलते रहें।
.सोशल मीडिया पर प्राइवेसी सेटिंग के माध्यम से अपनी निजी जानकारियां जैसे कांटेक्टस, फोटो आदि को छुपाकर रखें और प्रोफाइल लॉक रखे।
.फेसबुक, इंस्टाग्राम पर स्वयं की फेक आईडी बनने पर तत्काल पुलिस अथवा एनसीआरपी पोर्टल पर रिपोर्ट करें।
.व्हाट्सएप पर टू स्टेप वेरिफिकेशन, टू फेक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें। किसी संस्थान, कंपनी का कस्टमर केयर नंबर एवं टोल फ्री नंबर की जानकारी के लिए उनकी आधिकारिक वेबसाइट्स, एप का प्रयोग करें।
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उपकरण -
.इलेक्ट्रानिक गैजेट्स जैसे कम्प्यूटर, लैपटॉप एवं मोबाइल में खराबी आने पर विश्वसनीय व्यक्ति से अपने सामने रिपेयर कराएं।
.पुराने इलेक्ट्रानिक डिवाइस बेचने से पहले मेमोरी का डाटा टाइप कर फेक्ट्री रिसेट करें, जिससे कोई आपका निजी डाटा रिकवर न कर सके।
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हेड कांस्टेबल का वाट्स एप हैक किया, दूसरे पुलिसकर्मियों को भी लिंक भेजा
महिला ट्रैफिक पुलिस कर्मी की फोटो वाले ई चालान से जुड़े लिंक से सोमवार को मची खलबली
संवाद न्यूज एजेंसी
संभल। महिला ट्रैफिक पुलिस कर्मी की फोटो वाले ई चालान से जुड़े अंजान लिंक से सोमवार की दोपहर करीब एक बजे पुलिस कर्मियों में खलबली मच गई थी। 20 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के वाट्सएप हैक हो गए थे। दरअसल बनियाठेर थाना क्षेत्र की आटा पुलिस चौकी पर तैनात हेड कांस्टेबल अरुण कुमार के वाट्सएप पर महिला पुलिसकर्मी का फोटो लगा ई-चालान का लिंक आया था। उनके द्वारा जब लिंक खोला गया गया तो वाट्सएप हैक हो गया और दूसरे नंबर पर वह मैसेज जाने लगा। जिसने भी वह लिंक खोला उसका भी वाट्सएप हैक हो गया। हेड कांस्टेबल को जब वाट्सएप हैक होने का अहसास हुआ तो उन्होंने साइबर थाने को सूचना दी और दूसरे लोगों को फोन कर बताया कि उनका वाट्सएप हैक हो गया। जब वाट्सएप को 24 घंटे तक लॉक किया गया। दोबारा से डाउनलोड करने पर सही काम किया जा सका। हेड कांस्टेबल ने बताया कि वाट्स एप हैक होने से नुकसान तो कोई नहीं हुआ है लेकिन यह चिंतित करने वाली घटना थी। वहीं, दूसरी ओर इस मामले में साइबर क्राइम थाना प्रभारी अमित कुमार का कहना है कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है। कोई शिकायत भी नहीं मिली है।