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बारिश ने खेतों में बिछाई फसल, किसान चिंतित

Mon, 05 Mar 2018 01:20 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
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जुनावई के चिंगरिया गांव में बिजली गिरने से झुलसी रज्जो। - फोटो : अमर उजाला
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रविवार की शाम को अचानक मौसम के बदले मिजाज के बाद तेज हवाओं के बीच हुई ओलावृष्टि और बिजली गिरने से अफरातफरी मच गई। गुन्नौर कोतवाली के चिंगरिया गांव में बिजली गिरी जो मकान का छज्जा तोड़ता हुआ तीन हिस्सों में बंटा और एक हिस्सा गृह स्वामी के कमरे में घुस गया। जिससे गृहस्वामिनी और उसका चार साल का बेटा झुलस गया। छप्पर भी जल गया। वहीं कई इलाकों में फसल गिरने से किसान चिंतित नजर आ रहे हैं।
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दिनभर तेज धूप और उमस से लोगों को परेशानी हुई लेकिन शाम होते ही मौसम का मिजाज बदलने लगा। शाम के चार बजे के करीब चंदौसी क्षेत्र में तो हल्की बूंदाबांदी हुई लेकिन गुन्नौर, जुनावई क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई। आकाश में बिजली कड़कने लगी। जुनावई क्षेत्र के चिंगरिया गांव में तहब्बुर हुसैन का चार का बेटा गौसे आलम अन्य बच्चों के साथ अपने ही घर के आंगन में खेल रहा था। जोर से बिजली कड़की तो गौसे आलम की मां रज्जो दौड़ी और अपने बेटे को गोद में उठाकर अपने कमरे की ओर भागी लेकिन इसी बीच उसके मकान के छज्जे पर बिजली गिरी।

धमाके के साथ छज्जे को तोड़ता हुआ तीन हिस्सों में बंट गया। एक हिस्सा तो छप्पर पर गिरा, जिससे छप्पर जलने लगा, दूसरा गोला रज्जो के पीछे उसके कमरे में घुस गया और रज्जो के कमर से जा टकराया, जिससे रज्जो और उसका बेटा गौसे आलम झुलस गया। तीसरा गोला दूर खड़े श्योराज की ओर भागा लेकिन श्योराज बच गया। पूरे गांव में अफरा तफरी मच गई।
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तत्काल ही रज्जो व उसके बेटे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुनावई लाया गया जहां उनकी हालत ठीक बताई जा रही है। ओलावृष्टि से सरसो आदि खड़ी फसलों को भारी नुकसान भी पहुंचा है।  उधर रविवार दोपहर बाद तकरीबन चार बजे बबराला क्षेत्र के धनारी, गुन्नौर, रजपुरा आदि में झमाझम बारिश हुई। बेमौसम हुई बरसात के दौरान ओले पड़ने लगे। फसल में पानी भरने के बाद चली तेज हवा ने किसानों की फसल पर सितम ढाना शुरू कर दिया। जिससे गेहूं, सरसों व गन्ने की फसल गिर गई। जिन किसानों ने फसल की सिंचाई कर दी थी उनका सबसे अधिक नुकसान हुआ है।


उनकी फसल पूरी तरह खेत में भरे पानी बिछ गई जबकि गन्ना व सरसों की फसल कम नुकसान हुआ है। कृषि विशेषज्ञ की माने तो मार्च के शुरूआत में जब गेेहूं की फसल में दूध पड़ता है जिससे दाना बनता है। अगर फसल क्षतिग्रस्त हुई है तो उसका असर दाने पर पड़ेगा जो कि कमजोर होगा या फिर बनेगा ही नहीं। अगर समय रहते फसल ऊपर उठने लगी तो सुधार हो सकता है। लिहाजा किसानों की अच्छी पैदावार की उम्मीद धूमिल नजर आ रही है।


संभल और आसपास के क्षेत्रों में रविवार को अचानक मौसम ने करवट ली। दोपहर के वक्त अचानक ठंडी हवाएं चलने लगी। आसमान में काले बादल घुमड़ आए। दिन में अंधेरे जैसा माहौल हो गया। ऐसा लग रहा था कि बारिश होगी। पर संभल में ऐसे हालात नहीं बने। दोपहर से शाम तक आसमान में काले बादल जरूर छाए रहे ।  शाम के वक्त कुछ देर के लिए हल्की बूंदाबांदी जरूर हुई। मगर मौसम परिवर्तन के लिए यह काफी सी लगीं। बूंदे गिरने के बीच चलने वाली हवाओं से ठंड का अहसास होने लगा।
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