जलधारा बचाओ आंदोलन द्वारा शनिवार को कार्यशाला आयोजित की गई। जिसका विषय भू-जल संरक्षण एवं सतत विकास, दशा और दिशाएं रहा। कार्यशाला महात्मा गांधी मेमोरियल स्नातकोत्तर विद्यालय में हुई।
जिसके मुख्य अतिथि डा. डीएन शर्मा रहे। हिंदी विभाग के प्रभारी डा. इमरान खान ने कहा कि जल ही जीवन है क्योंकि जल के बिना मानव जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती। डा. शारिक अमरोही ने कहा कि जीवन का आधार जल, वायु एवं प्रकाश होते है। आप कल्पना करें कि यदि जल ही समाप्त हो गया तो फिर जीवन ही नहीं बचेगा।
यदि आज हम चारों दिशाओं में देखे तो कहीं पर भी कुएं, तालाब एवं जल के श्रोत समाप्त हो रहे हैं। कामरेड बलवीर रस्तोगी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का एक मुख्य कारण जल की कमी है। डा. आबिद हुसैन ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विशेषकर संभल का क्षेत्र भू-जल संकट से गुजर रहा है और लगातार इसका वाटर लेवल गिर रहा है।
जिस पर हमें संजीदा होने की जरूरत है। हमें जल संरक्षण के लिए इस आंदोलन से जुड़ने की आवश्यकता है। कालेज के प्राचार्य डा. अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि हमें अपने दैनिक जीवन में वह सभी छोटे-छोटे कार्य करने चाहिए। जिससे जल का संरक्षण हो सके। संचालन डा. प्रकाश भारद्वाज ने किया।