चंदौसी की एक बड़ी मैंथा उत्पाद फर्म को प्रोडक्ट पर मंडी शुल्क भी देना होता है। आरोप है कि वर्ष-2011 में फर्म बिना गेट पास और मंडी शुल्क के मैंथा प्रोडक्ट ले जा रही थी। मंडी समिति ने 43 लाख रुपये का जुर्माना डाला था। फर्म ने दो बार में 10.77 लाख रुपये मंडी को अदा भी किए। करीब 33 लाख रुपये बकाया बने रहे। फर्म ने कृषि उत्पादन मंडी निदेशक के यहां अपील दायर की और दोबारा फर्म की बात सुनने को कहा।
लेकिन दोबारा पक्ष सुनने के बाद वही स्थिति रही। मंडी समिति ने 27 जुलाई को ब्याज और वसूलीकर समेत 51,28,190 रुपये की आरसी जारी कर दी। जोकि वसूली के लिए तहसील प्रशासन को भेजी गई है। समिति सचिव एसपी गंगवार ने बताया कि मंडी शुल्क अदा करने के कारण फर्म को आरसी जारी की गई है।
14 अन्य लोगों को भी आरसी जारी की गई है, जो एक लाख से कम के बकायेदार है। इधर, फर्म स्वामी का कहना है कि मामला मंडी निदेशक के यहां लंबित है। तीन सितंबर को सुनवाई है। आज एसडीएम को अभिलेख उपलब्ध कराए गए हैं। मंडी सचिव ने हठधर्मिता के कारण आरसी जारी करा दी, जो पूरी तरह गलत है।