मारपीट करने का आरोप उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नवाब इकबाल महमूद के समर्थक पर है। इस मामले में कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई है। रिपोर्ट दर्ज कराने लोगों के साथ पूर्व सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क के पोते जियाउर्रहमान बर्क कोतवाली पहुंचे। उनकी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक से उनकी नोकझोंक हुई।
नगर के मोहल्ला चौधरी सराय निवासी मोहम्मद असलम वार्ड पांच के सभासद हैं। बुधवार को दोपहर असलम एक अंतिम संस्कार से लौट रहे थे। जैसे ही असलम कब्रिस्तान से निकले तो कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। यह देख असलम का बेटा मुस्तफा मौके पर पहुंच गया। मुस्तफा ने पिता को बचाने का प्रयास किया तो उसे भी मारपीट कर घायल कर दिया। इसके बाद असलम अपने बेटे को साथ लेकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए चौधरी सराय चौकी पहुंचे।
पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उन्हें टाल दिया। इसके बाद असलम अपने समर्थकों के साथ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पहुंचे। कोतवाली के बाहर भीड़ लग गई। इन लोगों ने पूर्व सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क के पौत्र जियाउर्रहमान बर्क को भी कोतवाली बुला लिया।
इसके बाद भीड़ बाहर रही और जियाउर्रहमान बर्क तथा कुछ लोगों को कोतवाली में अंदर पहुंचे। जबकि गेट पर पुलिस लग गई। आक्रोशित लोग गेट पर ही रोक दिए गए। जियाउर्रहमान बर्क ने कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह यादव पर राजनैतिक दबाव में रिपोर्ट दर्ज न करने का आरोप लगाया। इस आरोप पर कोतवाल व जियाउर्रहमान में नोकझोंक हो गई। इसके बाद कोतवाल ने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया तो लोग शांत हुए।
कोतवाल यशपाल सिंह यादव ने बताया कि मोहम्मद अली के खिलाफ तहरीर मिल गई है। घायलों को मेडिकल के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट दर्ज कर ली जाएगी। राजनैतिक दबाव के चलते रिपोर्ट नहीं की जा रही थी, यह आरोप निराधार है। इस मामले में जब कैबिनेट मंत्री से जब संपर्क किया गया तो बिजनौर में थे। बार-बार फोन मिलने पर भी बातचीत नहीं हो पा रही थी।
विवाद को लेकर गर्मा सकती है स्थानीय सियासत ः संभल। चौधरी सराय के निवासी मोहम्मद अली पर मारपीट करने का आरोप लगा है। वह कैबिनेट मंत्री के समर्थक बताए गए हैं। जबकि सभासद असलम पूर्व सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क के समर्थक हैं। इस नाते इस घटना को लेकर स्थानीय सियासत गर्मा सकती है। समर्थक किसी भी छोटी बात पर आमने-सामने आ सकते हैं। क्योंकि इस घटना के बाद दोनों सियासी दिग्गजों के समर्थकों में खिंचाव बढ़ गया है। इसका असर आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है।
मैं कब्रिस्तान से आ रहा था। मेरे साथ मोहम्मद अली ने मारपीट कर दी। मैं चौधरी सराय पुलिस चौकी गया तो वहां से कोतवाली भेज दिया गया। कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। मैं वापस अपने घर गया। मोहल्ले के लोग साथ आए तो कोतवाली में हमें घुसने नहीं दिया जा रहा था। इस पर हमने जियाउर्रहमान बर्क को फोन किया। वह आए तब कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने बड़ी जद्दोजेहद के बाद डाक्टरी परीक्षण के लिए चिट्ठी दी और रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही।- असलम, सभासद।
संभल। सपा की विधानसभा कमेटी के महासचिव मोहम्मद अली ने कहा कि जानलेवा हमले का आरोप झूठा है। उन्होंने कहा कि सभासद ने खुद अपना कुर्ता फाड़ा है और ब्लेड से घाव बनाया है। उन्होंने बताया कि हमले की झूठी तहरीर देने के बाद भी सभासद शांत नहीं हुए हैं। सभासद असलम के बेटे ने उनके परिवार के सदस्य छोटे पुत्र रमजानी को शाम सात बजे पीटा है। तलवार से हमला किया है। इस मामले में कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस ने छोटे पुत्र रमजानी का मेडिकल कराया है।