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रातभर बवाल के बाद सुबह शांत हुआ बहेड़ी

Fri, 14 Oct 2016 01:06 AM IST
बरेली, ब्यूरो
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सीकरी गांव में प्राचीन शिव मंदिर के पास ताजिये के जुलूस के रास्ते में आ रही पीपल के पेड़ की डालियों को लेकर हुआ बवाल बृहस्पतिवार सुबह साढ़े चार बजे खत्म हुआ। डीएम, एसएसपी समेत कई अफसरों ने जब नगर पालिका चेयरमैन, मौलवी और ताजियेदारों से घंटों वार्ता की तब मामला निपटा और ताजिये करबला को रवाना हुए। 12 घंटे पूरे शहर में रहा बवालियों का कब्जा रहा। गुस्साये लोगों ने रुक-रुक कर पथराव, आगजनी की। पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस दौरान हाईवे भी बंद रहा। बहेड़ी से किच्छा और बहेड़ी से भोजीपुरा तक हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गई। उत्तराखंड और उप्र परिवहन ने अपनी बस सेवा निरस्त कर दीं। पुलिस अब हंगामा, आगजनी और पुलिस पर पथराव करने वालों की पहचान की जा रही है।
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बुधवार देर रात तक बवालियों के सड़कों पर जमे रहने से डीएम पंकज यादव और एसएसपी आशुतोष भारद्वाज ने पहले हाईवे पर करीब बीस मिनट तक मंथन किया। भीड़ के तेवर देख सख्ती से निपटने की बात कही जा रही थी मगर एसडीएम कुंवर पंकज और एएसपी डॉ. सतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को रामलीला मैदान से राजगद्दी शोभायात्रा का हवाला दिया। इसके बाद प्रशासन ने रणनीति बदल दी। बिहारीपुर और तुलसमपुर के ताजिएदारों के पास पहुंचे अफसरों ने रात ढाई बजे तक कई चरणों में बात की। समझाने की कोशिश असफल होने पर तीन बजे डीएम और एसएसपी थाने आ गए। यहां उलमाओं और अन्य लोगों के साथ बातचीत का भी कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद नगर पालिका अध्यक्ष अंजुम रशीद को फोन का थाने बुलाया गया। चेयरमैन ने ताजिएदारों और मौलानाओ को बुलाकर प्रशासन से वार्ता कराई लेकिन हाईवे पर लोगों का हंगामा कम नहीं हुआ। इस पर चेयरमैन ने ताजियेदारों से शांति की अपील की। धीरे-धीरे लोग छंटने लगे। लोधीपुर चौराहे पर बवाल कर रहे लोग भी अपने घरों को चले गए। बवालियों से निपटने के लिए प्रशासन ने सात पलाटून पीएसी, 3 एडीशनल एसपी, 10 सीओ, 25 एसओ, करीब 300 सिपाही भेजे थे। बवाल शांत हो जाने के बाद सुबह पांच बजे नगर और देहात की बिजली आपूर्ति चालू की गई। 
पुलिस का कहना है कि बाईपास रोड और नैनीताल रोड पर हंगामा, आगजनी और पुलिस पर पथराव करने वालों की वीडियो क्लिपिंग और फोटो के जरिए पहचान कराई जा रही है। पुलिस करीब दो सौ लोगों पर नामजद मुकदमा कायम कर सकती है। तुलसमपुर और बिहारीपुर के ताजिएदारों के अलावा गांव के हंगामा करने वाले लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि शाहगढ़, अब्बासनगर, मोहम्मदपुर और नगर के कई लोगों की पहचान कर ली गई है।
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विधायक और पूर्व विधायक के खिलाफ भी नारेबाजी
बहेड़ी। बवाल करने वालों ने विधायक अताउर्ररहमान और पूर्व विधायक छत्रपाल गंगवार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनके होर्डिंग, बैनर और पोस्टर फाड़कर आग के हवाले कर दिए। हालांकि विधायक अताउर्ररहमान भी थाने पहुंचे। उन्होंने डीएम और एसएसपी से घंटों बातचीत भी की। 

2007 में ही भी हुआ था बवाल
2007 में भी ताजिये को लेकर नरायननगला गांव में विवाद हो गया था। नगर के नैनीताल रोड पर ताजिये खड़े कर भीड़ ने हंगामा कर पुलिस को पीट दिया था। थाने में भी आग लगा दी थी। उस समय भी तत्कालीन डीएम मूलचंद्र यादव और एसएसपी नीरा रावत ने अंजुम रशीद को थाने बुलवाया था। उनके हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ था।
 
मंदिर के पास भी जमा हो गई थी भीड़
गांव में इस बात का हल्ला मचा कि प्रशासन रात में किसी भी समय पीपल के पेड़ को कटवाकर ताजिये निकलवा सकता है। इसके बाद सैकड़ों लोग मंदिर के पास खेतों में जमा हो गए। उन्होंने पूर्व विधायक छत्रपाल गंगवार और सांसद प्रतिनिधि सुनील गंगवार को भी देर रात वहां बुला लिया।

ट्राली के ड्राइवर का सिर फोड़ा
बहेड़ी। सिसंईया गांव के हरजिंदर सिंह धान बेचकर वापस घर जा रहे थे। लोधीपुर चौराहे पर बवालियों ने ट्राली रोकी तो उसने स्पीड तेज कर दी। आगे जाने पर फिर रास्ता बंद मिला तो जाम में ट्राली फंस गई। इसके बाद बवाल करने वालों ने उस पर हमला बोल दिया। उसका सिर फूट गया। ट्राली के मालिक रंजीत सिंह की भी पिटाई कर ट्रैक्टर तोड़ दिया। 
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