भारतीय किसान यूनियन (अअ) ने रविवार को मंडी समिति स्थित किसान भवन में गन्ने की होली जलाई। गन्ना किसानों की समस्याओं के निदान की मांग की गई। किसानों ने सरकारों के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि शाहजहांपुर स्थित सरकारी गन्ना रिसर्च सेंटर की ओर से गन्ने का प्रति क्विंटल लागत का आंकलन किया गया है। एक क्विंटल गन्ने की लागत 283 रुपये आंकी गई है।
सरकारों ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में लागत मूल्य में 50 फीसदी मुनाफा जोड़कर गन्ना मूल्य घोषित करने का वादा किया था। मुनाफा के बाद गन्ना मूल्य 423 रुपये प्रति क्विंटल मिलना चाहिए। उन्होंने सरकारों पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया है।
प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि चुनावी घोषणा पत्र के हिसाब से गन्ना मूल्य का निर्धारण नहीं किया गया तो 28 दिसंबर को गन्ना आयुक्त लखनऊ का घेराव किया जाएगा। राजपाल यादव, ऋषभ चौधरी, आशिक रजा, चौधरी बृजपाल सिंह, धर्मवीर सिंह, श्यौराज सिंह, हरि सिंह, ठाकुरदास, रामचरन, नेम सिंह, जितेंद्र मलिक मौजूद रहे।