शहर के आजाद गर्ल्स इंटर कालेज में रविवार को मुस्लिम समुदाय की बैठक में पूर्व सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा कि मुसलमानों का हौसला तोड़ने के लिए उन्हें झूठे मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। आतंकवादी बताकर फंसाया जा रहा है। हिंदुस्तान में मुसलमानों के साथ बदसलूकी की गई तो वह सड़कों पर उतर आएगा।
पूर्व सांसद ने कहा कि इस देश में जितना दूसरे लोगों का हक है उतना मुसलमानों का भी है। इस्लाम आतंकवाद फैलाने की इजाजत नहीं देता। यह किसी एक मोहल्ले को नहीं बल्कि पूरी कौम को बदनाम करने की साजिश है। इस मामले में एक प्रतिनिधि के साथ मंडल भारत के राष्ट्रपति एवं गृहमंत्री से बात की जाएगी।
जिन बेकसूर लोगों को आतंकवादी बताकर पकड़ा गया है, उन्हें शीघ्र ही रिहा किए जाने की मांग की गई। इंसाफ नहीं मिलने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी। शहर मुफ्ती कारी अलाउद्दीन ने कहा कि संभल के मुस्लिम काम के लोगों को निशाना बनाकर पूरे शहर को बदनाम किया जा रहा है।
मौलना मोहम्मद मियां ने कहा कि किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। चौधरी अशरफ अली एडवोकेट ने कहा कि जिन लोगों को आतंकवादी बताया जा रहा है वह अगर आतंकवादी नहीं हैं तो उनके साथ इंसाफ किया जाए। शक के आधार पर किसी को आतंकवादी करार नहीं दिया जा सकता।
कारी मुजतबा हसन, मौलाना नफीस अख्तर, जियाउर्रहमान बर्क, मौलाना जियाउल मुस्तफा, मौलाना तंजीम अशरफ, मौलाना महबूब वास्ती, चौधरी शरफ अली, इनामुर्रहमान खां, मौलाना सुहैल, मौलाना मुकीम, डा.आकिफ संभली, जाकिर हुसैन ने अपने विचार रखे। मुताहिर हुसैन आदि रहे।