नगर पंचायत सिरसी में कर्बला सादात पर रविवार को मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस मिशन जनाबे जैनब की जानिब से हुई। मास्टर मोहम्मद रजा और उनके साथियों ने सोज ख्वानी की। मजलिस को मौलाना मीसम अब्बास ने खिताब किया।
मजलिस के बाज से सजे हुए घोड़ों व ऊंटों का जुलूस निकाला गया। जिनके आगे-आगे लोग मरसिया पढ़ते हुए चल रहे थे। मौलाना मंजूर आलम ने कहा कि यह जुलूस कर्बला के उस वाकये की याद को ताजा कराने के लिए निकाला जाता है। जब हुसैन अ.स. और उनके साथियों को यजीदियों ने बेरहमी से शहीद किया।
तब उनके अहलो अयाल को जंजीरों और बेड़ियों में जकड़कर कर्बला से कूफा और कूफे से सीरिया के शहर शाम ऊंटों की नंगी पीठ पर बैठाकर ले जाया गया। रसूल की आले पाक पर हुए जुल्म को लोगों तक पहुंचाने लिए जुलूस निकाले जाते हैं।
जुलूस में नदीम जाफरी, विकार मेहंदी, हसन हैदर, शबीउल हसन, माहिर हुसैन आदि ने मरसिया पढ़ा। मौलाना शादाबा मेहंदी, मौलाना मीसम अब्बास ने भी जुलूस को खिताब किया। इमामबाड़ा सादात में पहुंचकर जुलूस समाप्त हुआ। प्रोफेसर जाफरी, महताब हैदर, इरशाद हैदर, अली कौसर जाफरी, कासिफ रजा आदि ने सहयोग दिया।