यहां मिलावटी मावा और मिठाइयों का कारोबार पूरे जिले में फैला है। यदि एक गांव बात करें तो वहां एक दिन में दो से तीन क्विंटल रसगुल्ले बनाए जा रहे हैं। यहां से चंदौसी, संभल समेत आसपास के इलाके में कुछ नामचीन दुकानदारों तक आपूर्ति हो रही है।
बंगाली मिठाई दूध से तैयार होती है और इसकी निर्माण लागत 150 से 180 रुपये प्रति किलोग्राम से कम नहीं आएगी पर संभल जिले के मंगनपुर गांव में यह मिठाई 90 रुपये किलोग्राम के भाव पर नामचीन दुकानदारों के पास सप्लाई की जा रही है। जानकारों का कहना है कि दूध के स्थान पर दूध के पाउडर, अरारोट और सूजी की मिलावट से बंगाली मिठाई तैयारी की जा रही है लेकिन सेहत महकमा इससे बेखबर बना हुआ है।
चंदौसी। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर में मिठाई व पनीर की दुकान पर छापेमारी की। दुकानों से पनीर, मिठाई व रिफाइंड के नमूने लिए। इस दौरान दुकानदारों में खलबली मची रही।
दीपावली पर मिलावटी मिठाई व अन्य सामान की काफी तादाद में बिक्री की जाती हैं, क्योंकि दूध की सप्लाई पूर्ववत रहती है। लेकिन मिठाई, मावा व पनीर आदि की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मांग को पूरा करने के लिए मिलावट व नकली मावा का धड़ल्ले से प्रयोग किया जाता है। खाद्य विभाग सुबह से सक्रिय हुआ तो मिष्ठान विक्रेताओं में खलबली मच गई। लगातार टीम की लोकेशन पर भी नजर रखी गई। एक मिष्ठान भंडार पर मिष्ठान विक्रेता एकत्र भी हुए।
जिसमें टीम के लगातार कई बार एक ही दुकान पर पहुंचने पर कड़ा विरोध करने का भी निर्णय लिया गया लेकिन टीम उस दुकान पर नहीं पहुंची और कई अन्य दुकानों पर छापे मारे और नमूने लिए।
मुहल्ला मोती स्थित नवीन कुमार के पनीर की दुकान से पनीर व अरारोट पावडर के नमूने लिए। बडा बाजार में नवीन कुमार व एक अन्य दुकान से भी पनीर का सेंपल लिया। यहां से टीम सीता रोड स्थित हलवाई की दुकान पर पहुंची। जहां से सोनपपडी व रिफाइंड का नमूना लिया।
जिला अभिहीत अधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि सभी सेंपल के लिए जांच को लैब भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। टीम में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी कलामुद्दीन, खाद्य सुरक्षा अधिकारी चंदौसी संजय भारती, संभल के रमेशचंद्र गौतम शामिल रहे।