क्रिसमस-डे धूमधाम से मनाया गया। गिरजाघर में गुरुवार की रात 12 बजे प्रभु यीशु के जन्म के साथ ही मेरी क्रिसमस गूंज उठा। ईसाई समुदाय के लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। चर्चों को फूल एवं गुब्बारों से सजाया गया। क्रिसमस ट्री को आकर्षक ढंग से सजाया गया। बच्चों में उत्साह का नजारा रहा।
फव्वारा चौक स्थित मैथोडिस्ट चर्च को झालरों से दुल्हन की तरह सजाया गया। गुरुवार की मध्यरात्रि को यीशु का जन्म हुआ। घरों में मेहमानों के लिए तरह-तरह के व्यंजन बनाने में महिलाएं जुटी रहीं। झांकियों के माध्यम से यीशु के जन्म और जीवन से जुड़े घटनाक्रम को जीवंत रुप प्रदान करने की कोशिश की गई।
प्रभु यीशु के जन्म के साथ ही ईसाई बंधुओं ने एक दूसरे को बधाई दी। केक बांटकर खुशी का इजहार किया गया। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समा बांध दिया। फादर नितिन मैसी ने बताया कि प्रभु यीशु के जन्म के साथ ही क्रिसमस डे मनाया जाता है।
आकांक्षा डीन, लक्की, अभिलाषा डीन, श्वेता, आशीष, जॉनी, यश, अंकिता, नैंसी गोयल, राखी, अंजलीना, विक्की, मोहन मौजूद रहे। फुल गोस्पल असेंबली आफ गॉड चर्च में क्रिसमस के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम हुआ। क्रिसमस के उपलक्ष्य में विशेष गीत गाए गए। मुख्य अतिथि चौधरी चंद्रपाल सिंह उर्फ पप्पू चौधरी ने उत्साहवर्धन किया।
अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माधव मिश्रा ने भी यीशु के जन्मदिन पर बधाई दीं। चर्च के पास्टर जेके निराला, मीनाक्षी निराला मौजूद रहे।