पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को लाठी लेकर खदेड़ा। इससे कुछ देर के लिए भगदड़ मच गई। प्रदर्शनकारियोंको जान बचाना भारी पड़ गया। पुलिस ने गौतमबुद्ध नगर जिले में तैनात एक सिपाही सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव दतावली के पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह के बेटे मुनेश यादव और मनरेगा में ब्लाक के लेखाकार संजीव शर्मा के बीच प्रधानी के चुनाव के समय से ही विवाद चल रहा था। असल में मनरेगा के कार्यों का तीन चार लाख रुपये का भुगतान फंसा हुआ है। इसे लेकर पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह और उनके बेटे दबाव बनाए हुए थे। इसी भुगतान को रविवार को रात विवाद हुआ था। आरोप है कि इस मामले में लोग थाने गए थे पर कार्रवाई नहीं हुई। इसीलिए आक्रोशित होकर तीस चालीस ग्रामीण मंगलवार को शाम थाने पहुंच गए।
जहां पुलिस से विवाद हो गया। विवाद के दौरान जब वह प्रदर्शन करने लगे तो पुलिस ने उन्हें लाठी लेकर खदेड़ा है। तीन लोगों को पकड़ा है जिसमें एक गौतमबुद्ध नगर में सिपाही है लेकिन अपर पुलिस अधीक्षक ने किसी को पकड़े जाने से इन्कार किया है। वहीं पंवासा के बीडीओ का कहना है कि इसी मामले में पंवासा में भी हंगामा हुआ है जिसकी तहरीर दी गई है।
मामला मारपीट का था। इसकी एनसीआर सोमवार को रात में ही दर्ज की गई। कुछ लोग प्रदर्शन करके दबाव बना रहे थे ताकि लूट की रिपोर्ट दर्ज की जाए। पुलिस ने जब नहीं मानी तो कुछ लोगों ने हंगामा किया जिन्हें थाने से हटा दिया गया था। तीन लोगों को पकड़े जाने से उन्होंने इन्कार किया और कहा कि जो दोषी हैं उन पर पुलिस कार्रवाई करेगी।
- कमलेश दीक्षित, अपर पुलिस अधीक्षक।
पूर्व प्रधान का कुछ भुगतान पहले का रह गया होगा। इसी बात को लेकर 10-15 लोग सुबह 9 बजे ब्लाक पर आए। चौकीदार के साथ गाली-गलौज की। मनरेगा लेखाकार के बारे में पूछा और इसके बाद चौकीदार से अभद्रता की और हाजिरी रजिस्ट्रर फाड़ दिया। मैं तहसील दिवस में था। मैंने इस संबंध में चौकीदार महेश चंद्र की ओर से तहरीर दी है।
-कुलदीप सिंह राणा, खंड विकास अधिकारी, पंवासा।