सिस्टम की लचर हालत यहां तक थी कि दो साल पहले हुई हत्या की रिपोर्ट अब न्यायालय की दखल के बाद दर्ज हुई है। आईजी तक गुहार लगाई गई थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई थी। मामला प्रदेश के मुख्यमंत्री के भाई सांसद धर्मेंद्र यादव के संसदीय क्षेत्र गुन्नौर का है।
गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के वसीठा गांव निवासी कल्यान सिंह के पुत्र संजय सिंह ने अपनी पुरानी बाइक बेच दी थी, इसलिए उसे दूसरी बाइक खरीदनी थी। 19 अक्तूबर-2014 को वह घर से 55000 रुपये लेकर अपने दोस्त बाबूराम उर्फ पप्पू पुत्र कल्याण सिंह के साथ दूसरी बाइक खरीदने निकला था। आरोप है कि गांव में ही कुछ दूरी पर उसे गांव के वीरेश पुत्र नत्थू व सोमवीर पुत्र गुलफाम सिंह मिले। संजय से पूछा कहा जा रहे हो तो उसने बता दिया कि बाइक खरीदने जा रहा है, इस पर वीरेश व सोमवीर ने कहा कि वह सस्ते में अच्छी बाइक दिला देंगे। वह दोनों भी साथ चल दिए लेकिन शाम को वीरेश व सोमवीर तो गांव लौट आए लेकिन संजय व बाबूराम उर्फ पप्पू नहीं लौटे।
देर रात तलाश शुरू हुई, वीरेश व सोमवीर के घर भी गए लेकिन यह दोनों भी अपने घर से गायब थे। 20 अक्तूबर को एक फोन आया, जिसमें बताया कि संजय व पप्पू की बाइक जुनावई पेट्रोल पंप के पास खड़ी है, जब वहां पहुंचे तो वहां बाइक के साथ-साथ संजय व पप्पू की लाशें भी पड़ी थीं। पास ही एक बिजली का तार भी पड़ा था। परिजनों का दावा था कि मौके के हालात बता रहे थे कि हत्या हुई है। लेकिन पुलिस ने हादसा बताकर रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया।
इसके बाद से दोनों परिवार एसपी से लेकर आईजी तक गुहार लगाते रहे। लेकिन हमारी साथी यूपी पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। इसके बाद कोर्ट का सहारा लिया गया। जहां कई तारीखों के बाद स्पेशल जज (डकैती) बदायूं ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। शनिवार को गुन्नौर कोतवाली में संजय व बाबूराम उर्फ पप्पू की हत्या व लूटपाट की धाराओं में वीरेश व सोमवीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।