मेहंदी का जुलूस निकालने के लेकर असमोली थाना क्षेत्र के हरथला गांव में तनाव के हालात बन गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने जुलूस को आगे बढ़ने से रोक दिया। अब गांव में सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस बल तैनात है। अधिकारी निगरानी बनाए हुए हैं।
हरथला गांव में मंगलवार को शाम पौने छह बजे के करीब मेहंदी का जुलूस निकाने की तैयारी की जा रही थी। इमामबाड़े पर मेहंदी के साथ जुलूस निकालने वाले एकत्र थे। जुलूस चंद कदम ही बढ़ा तब तक पुलिस पहुंच गई क्योंकि दूसरे समुदाय के लोगों ने इसे नया आयोजन बताकर थाना पुलिस से शिकायत की थी।
शिकायत के बाद ही पुलिस पहुंची थी। पुलिस ने विवाद के अंदेशे में जुलूस निकालने वालों को समझाया और कहा कि कोई भी नई परंपरा न डाले। इस पर एक पक्ष के लोगों ने कहा कि मुस्लिम बहुल इलाकों में मेंहदी निकलती रही है। इस पर पुलिस ने जांच की। लोगों के बयान लिए। जुलूस को रोक दिया गया है। थाना प्रभारी योगेंद्र कृष्ण यादव ने बताया कि गांव में एहतियाती तौर पर सतर्कता बरती जा रही है। एएसपी कमलेश दीक्षित ने बताया कि गांव में पुलिस तैनात है। उधर, सिसौदा गांव में मेहंदी के जुलूस के दौरान विवाद हो जाने से तनाव के हालात हैं। एएसपी ने बताया कि वे मौके पर जा रहे हैं।
प्रधानपति समेत 15 नामजद ,25 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज
असमोली(संभल)। सदीरनपुर में अलम के जुलूस के दौरान हुए बवाल प्रकरण में दूसरे पक्ष की ओर से भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें ग्राम प्रधान के पति समेत 15 को नामजद किया गया है। जबकि 20-25 अज्ञात को भी आरोपी बनाया गया है। असमोली थाना क्षेत्र के सदीरनपुर में नौ अक्तूबर को अलम के जुलूस के दौरान पूर्व प्रधान और मौजूदा प्रधान के पक्ष में टकराव हो गया था। इस मामले में मौजूदा प्रधान के पक्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब पूर्व प्रधान के पक्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें जाकिर हुसैन पुत्र रियासुल्ला वादी हैं।
उनका कहना है कि नौ अक्तूबर दोपहर बाद गांव में मेला देखने जा रहे थे। तभी गांव के 50-55 लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस मामले में गांव के जाकिर की तहरीर पर ग्राम प्रधान के पति कासिम को नामजद किया गया है। उनके साथ साथ आकिल, हासिम, मोहसिन, कामिल पुत्रगण विरासत, हाजी रईस पुत्र सईद अहमद, नफीस , नदीम, नईम पुत्रगण हाजी रईस, विरासत पुत्र विसारतुल्ला, लियाकत पुत्र नसीरुद्दीन, तज्जमुल , मुज्जमिल, मुद्दसिर पुत्रगण लियाकत, मुत्तलिव पुत्र हाजी सत्तार के नाम भी रिपोर्ट में खोले गए हैं। इसमें 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है।