संभल। हयातनगर थाना पुलिस ने गुरुवार रात शक होने पर एक टैंकर को रोकने के लिए का प्रयास किया तो फायरिंग की गई। इस पर पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। एक व्यक्ति को पुलिस की गोली लग गई तो आगे जाकर टैंकर रोक दिया गया। इस पर पुलिस ने गोली से घायल पशु तस्कर पप्पू को गिरफ्तार कर लिया जबकि दो लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए। टैंकर खोलकर देखा तो उसमें से गोवंशीय पशु बरामद किए गए।
हयातनगर पुलिस गुरुवार देर रात संभल-गवां मार्ग पर खिरनी तिराहे पर चेकिंग कर रही थी। गवां की तरफ से दूध का टैंकर संभल की ओर से जा रहा था। तिराहे पर पुलिस ने रुकने का इशारा किया। इस पर टैंकर चालक ने न तो रफ्तार घटाई और न ही टैंकर को रोका। पुलिस ने पीछा किया तो चालक ने टैंकर को रायपुर के जंगल की ओर मोड़ दिया। पुलिस पीछा कर रही थी तो चालक ने टैंकर और तेजी से दौड़ाया लेकिन अंधेरे में टैंकर आलू के खेत में फंस गया। रफ्तार घटी तो पुलिस पहुंच गई। पुलिस को आता देख टैंकर पर सवार पशु तस्कर उतर भागने लगे। पुलिस की ओर फायर किया। यह फायर पुलिस टीम में शामिल कांस्टेबिल हरिराम को छूते निकल गया। पुलिस ने जवाब में गोली चलाई तो पशु तस्कर पप्पू के पैर में गोली लगी। उसके दो सहयोगी मौके से भाग गए। पुलिस ने जब टैंकर को कब्जे में लिया तो उसमें पांच गोवंशीय पशु निकले। पुलिस के मुताबिक ठाकुरद्वारा क्षेत्र के मलपुर लक्ष्मीपुर निवासी पप्पू को गिरफ्तार किया गया। उसके ही पैर में गोली लगी है। हयातनगर के प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन गिरी ने बताया कि मेरठ जिले के थाना सरधना क्षेत्र के मड़ियाई कफील तथा उसका एक सहयोगी भागा हुआ है जिसका नाम जाटू बताया गया है। सीओ सुदेश कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपी से हुई पूछताछ के आधार पर पशु तस्करी और इससे जुडे़ अवैध धंधे पर अब कानून का शिकंजा कसा जाएगा।
हिलाली सराय में ले जाए जा रहे थे पशु
संभल। गिरफ्तार किए गए पप्पू ने बताया कि वह पशुओं को हिलाली सराय में पशुओं को ले जा रहे थे। पुलिस अब इस अधार पर हिलाली सराय में छानबीन करेगी क्योंकि हिलाली सराय में अवैध तरीके से गोवंशीय पशु काटे जाने की सूचना मिल रही है।
टैंकर में बंधे थे दूध के गोल्टे
संभल। टैंकर में पीछे दो गोल्टे बंधे थे और दूध निकालने वाला पाइप भी था जिससे दूर से देखने वाला यही समझे कि यह दूध का टैंकर है। यही नहीं टैंकर के ढक्कन पर ओम लिखा था और गुर्जर ब्याय लिखा था। कुल मिलाकर यही जाहिर करने का प्रयास किया गया कि यह पशु तस्करों का टैंकर नहीं बल्कि दूध से भरा टैंकर है।