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बच्चा बदलने पर हंगामा

Fri, 07 Dec 2018 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ संभल
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बहजोई (संभल)। सीएचसी में महिला की डिलीवरी के बाद बच्चा बदलने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि डिलीवरी के तुरंत बाद ही नर्स ने बेटा होने की बात कही थी। इसके बाद उसे दिए गए कार्ड में भी मेल शिशु के काॅलम में टिक लगा है लेकिन उनको बच्ची दे दी गई। 

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 घर जाने के बाद परिजनों को जानकारी हुई। इसके बाद परिजनों ने सीएमओ दफ्तर के बाहर भी हंगामा किया। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक से भी इसकी शिकायत की गई। सीएमओ डा. अमिता सिंह ने कहा कि महिला के पति व परिजनों की ओर से अस्पताल में बच्चा बदलने का आरोप लगाते हुए शिकायत की गई है। चिकित्साधीक्षक से पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है। चिकित्साधीक्षक को पूरे मामले में जांच-पड़ताल कर आख्या सौंपने के लिए नामित किया गया है। 
पीड़ित परिजनों ने बच्चा बदलने का आरोप लगाते हुए चिकित्साधीक्षक समेत सीएमओ से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। परिजनों ने सीएमओ दफ्तर के बाहर हंगामा भी किया। थाना क्षेत्र के गांव अर्जुनपुर जूना निवासी महिला मिथलेश पत्नी प्रमोद कुमार को 05 दिसंबर को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजनों ने उसे बहजोई के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। जहां मिथलेश ने उसी दिन दोपहर 12.20 बजे करीब एक शिशु को जन्म दिया और परिजन महिला व नवजात बच्चे को लेकर घर पहुंच गए। इसके बाद अगले दिन गुरुवार को परिजन सरकारी अस्पताल पहुंच गए और वहां बच्चा बदलने की बात कहते हुए हंगामा करने लगे। जानकारी मिलने पर चिकित्साधीक्षक डा. बीएल विराटिया भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने चिकित्साधीक्षक से पूरी बात कही। इसके बाद परिजन सीएमओ दफ्तर पहुंच गए और सीएमओ डा. अमिता सिंह से भी अस्पताल में बच्चा बदलने का आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र सौंपा।परिजनों में महिला के पति का आरोप है कि प्रसव के बाद बुधवार को पूरे अस्पताल प्रशासन ने उसे उसकी पत्नी को लड़का होने की बात कही। उसने व परिजनों ने खुशी जाहिर करते हुए पूरे अस्पताल कर्मियों को मिठाई भी खिलाई। इसके बाद एंबुलेंस से उसकी पत्नी व नवजात बच्चा गांव में उसके घर पहुंच गए। अब घर जाकर देखा तो लड़की निकली। इसके बाद गुरुवार को जब अस्पताल प्रशासन से जाकर शिकायत की गई तो किसी ने कोई तवज्जो नहीं दी, उल्टे टहला दिया। पति का कहना था कि प्रसव के बाद कार्ड पर अस्पताल प्रशासन की ओर से लड़का के कॉलम पर टिक का निशान भी लगाया। वह कार्ड भी उसके पास मौजूद है और टीका भी लगाया गया था। चिकित्साधीक्षक व मुख्य चिकित्साधिकारी को भी कार्ड दिखाते हुए पूरी जानकारी दी। तब सीएमओ ने आश्वासन दिया कि पूरे मामले में निष्पक्ष जांच-पड़ताल कराई जाएगी।

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