धनारी/चंदौसी। धनारी थाना क्षेत्र के बगठेर में शनिवार रात डकैतों ने तीन घरों में परिजनों को बंधक बनाकर करीब ढाई लाख रुपये की संपत्ति लूट ली। परिजनों को जमकर पीटने के बाद बंधक बना दिया। एक महिला के शोर मचाने के बाद डकैत भाग गए। एक घंटे तक तीनों परिवार डकैतों के कब्जे में रहे, लेकिन पुलिस ने घटना को डकैती की धारा में न दर्ज कर चोरी में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
धनारी थाना क्षेत्र के भिरावटी मार्ग पर बसे बगठेर गांव निवासी शाहिद हुसैन अपने घर के बाहर दरवाजे पर बनी झोपड़ी में अपने बेटे आसिफ के साथ सो रहा था। इसके अलावा परिवार के अन्य सदस्य घर के अंदर सो रहे थे। शनिवार की रात 11 बजे बदमाश पहुंचे। शाहिद व उसके बेटे को असलहे के बल पर बंधक बना लिया। इसके बाद घर का दरवाजा खुलवाने को कहा लेकिन जब उन लोगों ने आनाकानी की तो उसकी जमकर पिटाई की। शाहिद ने बताया कि बदमाश कहने लगे कि लड़का-लड़की भाग कर आए हैं, उन्हें तूने घर में छिपा रखा है। इस पर बदमाशों के डर से उसने घर का दरवाजा खुलवाया। घर का दरवाजा खुलने के बाद डकैतों ने महिलाओं को भी असलहे के बल पर बंधक बना लिया। घर में रखे 45 हजार रुपये लूट लिए।
पिता-पुत्र के हाथ पैर बांध दिए और महिलाओं पर तमंचा ताने रहे। इसके बाद डकैत शाहिद के भाई वाहिद के घर में घुस गए। वाहिद के हाथ पैर बांधने के बाद उसके घर में रखे सोने चांदी के जेवर लूट लिए। बाइक के कागज, पाजेब, मंगलसूत्र व 11 हजार रुपये कर नकदी लूट ली। उसने बताया कि बदमाशों की संख्या 11 थी।
इसके बाद जीने के सहारे डकैत शाकिब हुसैन के घर में उतर गए। शाकिब की पत्नी यास्मीन के जेवर उतरवा लिए। महिला ने हिम्मत करके शोर मचाया तो तमंचे की बंट से उसका सिर फोड़ दिया।
इसके बावजूद महिला ने साहस का परिचय देते हुए शोर मचाया। इससे आसपास जाग हो गई। बाहर खड़े तीनों डकैत अपने साथियों को इशारा करते हुए भाग गए।
छत पर चढ़े डकैत भी बिजली के पोल के सहारे नीचे उतरकर भाग गए। डकैतों ने करीब एक घंटे तक तीनों घरों को बंधक बनाए रखा। परिजनों के अनुसार डकैत करीब ढाई लाख का माल तीनों घरों से लूट ले गए। कुछ बदमाश तो छत से कूद गए। भागते समय उनकी तौलिया भी छूट गई।
सूचना मिलने पर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची लेकिन जाते ही पुलिस ने घटना को झूठा बताना शुरू कर दिया। पुलिस मारपीट का मामला बताने लगी। थाना निरीक्षक रविंद्र प्रताप सिंह डेढ़ बजे मौके पर पहुंचे।
उन्होंने डकैती की घटना होने से इनकार करते हुए घटना का अल्पीकरण करते हुए चोरी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। पीडि़तों का कहना है कि उनकी किसी से दुश्मनी भी नहीं है। इसके बाद भी पुलिस ने डकैती की घटना को चोरी बता दिया है। अगर महिला शोर न मचाती तो बदमाश और मारपीट कर सकते थे क्योंकि वह पूरी तैयारी के साथ आए थे।