युवा और किशोर अपनी महत्कांक्षाओं के पूरा नहीं होने पर आत्मघाती कदम उठाने से भी बाज नहीं आ रहे है। गुन्नौर थाना क्षेत्र के रिवाडा गांव निवासी प्रेम सिंह प्रजापति का पुत्र राकेश प्रजापति (18) जूनावई के राजकीय महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष का छात्र था।
बताते हैं कि उसकी रुचि इंटरनेट सेवाओं को लेकर अधिक थी। मोबाइल फोन में भी अक्सर नौकरियों आदि की तलाश करता रहता था। पिछले दिनों उसने पुलिस भर्ती के लिए ओवदन भी किया था लेकिन ज्यादातर आवेदन ऑनलाइन ही आवेदन मांगे जाते हैं, उन्हीं पर उनका रिजल्ट भी मिलता है।
इसलिए राकेश चाहता था कि उसके पास एक कंप्यूटर हो, ताकि वह घर बैठे वेबसाइट सर्फिंग करता रहे। उसने अपने पिता से घर में ही कंप्यूटर सिस्टम लगवाने को कहा। लेकिन, उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
शनिवार दोपहर को एक बार फिर उसने पिता से चालीस हजार रुपये मांगे तो उन्होंने स्पष्ट मना कर दिया। इससे क्षुब्ध राकेश अपने कमरे में गया और अपने पास रखे तमंचे से खुद को गोली मार ली। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस कार्रवाई के भय से परिजनों ने आनन फानन में ही गंगाघाट पर ले जाकर अंतिम संस्कार भी कर दिया। गुन्नौर कोतवाली प्रभारी राजवीर सिंह यादव ने बताया कि उन्हें इस तरह की कोई सूचना नहीं है।