बाबरी मस्जिद की शहादत को याद करते हुए मुस्लिम संगठनों ने रविवार को काला दिवस मनाया। बाबरी मस्जिद की तामीर का संकल्प दुहराया। इसे लेकर कई संगठनों ने प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा। मियासराय मोहल्ले में स्थित माता के थान से इंडियन मुस्लिम किसान यूनियन का एक जुलूस शुरू हुआ जो नाला मोहल्ला पहुंचा।
नाले पर कई संगठनों के सदस्य और पदाधिकारी शामिल हुए। इंडियन मुस्लिम लीग ने एक सभा का आयोजन किया। इसके बाद जुलूस की शक्ल में एसडीएम कार्यालय तक लोग गए। जिसमें चौधरी शरफ अली खां, इनाम-उर-रहमान खां, कारी कमाल, मुफ्ती ए संभल कारी अलाउद्दीन, डा. कलीम अशरफ ने तहरीर की।
सभा के बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि हिंदुस्तान दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। लेकिन यहां पर कुछ फांसीवादी ताकतें सिर उठा रही हैं जिसने अमन को खतरा है। यदि हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को कायम रखना है तो सरकार ऐसी ताकतों पर कार्रवाई करे।
मजलिस ए एत्तेहादुल मुस्लिमीन के जिलाध्यक्ष शहजाद खां ने उन हिंदू संगठनों पर प्रतिबंध की मांग की जो बाबरी मस्जिद को शहीद करने में शामिल थे। इस बारे में एक ज्ञापन सौंपा गया। अजीम, अबबार मास्टर, फरहत अली खां, हामिद अली, नूर हसन, गुलाम नबी, बाबी खान, आमिर, फहीम आदि रहे।
मुस्लिम किसान यूनियन के संयोजक इनाम-उर-रहमान ने अपने ज्ञापन में जहां बाबरी मस्जिद की तामीर किए जाने की मांग की वहीं नफरत फैलाने वालों से सावधान रहने का भी संदेश दिया।