क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस ने रविवार की रात करीब साढ़े सात बजे वाहन चेकिंग के दौरान चोरी की आठ बाइक समेत एक आटो लिफ्टर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दावा किया है कि आटो लिफ्टर ने मेरठ निवासी दो युवकों के साथ वाहन चोरी करने की बात स्वीकारी है।
क्राइम ब्रांच की टीम और कोतवाली पुलिस ने संभल तिराहे पर वाहन चेकिंग के दौरान एक बाइक को रुकने का इशारा किया। चालक ने बाइक दौड़ा दी। पुलिस ने पीछा कर थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव धर्मेंद्र पुत्र कुशलपाल राजपूत को मय बाइक के पकड़ लिया।
पुलिस अधीक्षक अतुल सक्सेना ने बताया कि धर्मेंद ने बताया कि साथ में मेरठ के मुंडाली थाना क्षेत्र के गांव समयपुर निवासी सोनू मौके से फरार हो गया। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक धर्मेंद्र, सोनू और मेरठ के मुंडाली थाना क्षेत्र के नगला निवासी इंतजार के साथ मिलकर वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
धर्मेंद्र की निशानदेही पर आठ मोटर साइकिल नगलिया बल्लू स्थित घेर से भूसे में दबी हुई मिली हैं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर धर्मेंद्र का चालान कर दिया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
पुलिस के दावों के बीच कुछ बातें गले नहीं उतर पा रही हैं। पुलिस का दावा है कि बाइक सवार दो लोग बहजोई से चंदौसी की ओर आ रहे थे। उन्हें रुकने का इशारा किया तो चालक ने बाइक दौड़ा दी।
पीछा कर बाइक चालक को गिरफ्तार कर लिया लेकिन साथी फरार हो गया। बड़ा सवाल यह है कि जब बाइक रुकने का इशारा किया तो दोनों थे। पीछा भी दोनों का किया गया तो फिर बाइक पर पीछे बैठा आटो लिफ्टर आखिर कैसे गायब हो गया। यह पहला मामला नहीं है पुलिस को आटो लिफ्टिंग के कई मामलों में ऐसी ही समस्या का सामना करना पड़ा है।