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जान जोखिम में डालकर किया बहनों ने सफर

Fri, 13 Nov 2015 11:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
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भैया दूज पर बहनों ने जान जोखिम में डालकर सफर किया। रेल और बस सेवा बदहाल नजर आई। गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्रियों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ी। भीड़ और धक्कामुक्की के बीच बच्चों का बुरा हाल रहा। त्योहार के मद्देनजर रेलवे और परिवहन विभाग की ओर से कोई खास इंतजाम नजर नहीं आए।
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दिनभर यात्री बदहाली से जूझते रहे। अपने गंतव्य तक पहुंचने को घंटो इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों का भीड़भाड़ में कीमती सामान भी छूट गया। भैया दूज पर जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा। ट्रेन, रोडवेज बस और निजी वाहनों समेत डग्गामार वाहनों का सहारा लेकर बहने अपने भाइयों को तिलक करने पहुंची।


यात्रा के दौरान सबसे अधिक मुसीबत महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ी। ट्रेनों में तिल रखने की भी जगह नजर नहीं आई। पहले से ही हाउस फुल चल रही ट्रेनों में चंदौसी स्टेशन से चढ़ने वाले यात्रियों को अंदर जाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। ट्रेनों के शौचालय, गैलरी और लगेज बोगी तक में जान जोखिम में डालकर यात्रियों ने यात्रा की।
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यात्री ट्रेन के दरवाजे पर भी लटके नजर आए। उधर रोडवेज बसों की कमी के चलते घंटों इंतजार के बाद भी यात्रियों को बस में जगह पाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। बदहाली और मुश्किल के बीच जोखिम का सफर तय कर बमुश्किल यात्री अपने गंतव्य तक पहुंच सके।


नगर के प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड, रिक्शा  स्टैंड और मिष्ठान भंडार पर लंबी कतारों का नजारा रहा। व्रत में बिना कुछ खाए- पीए बहनों ने अपने भाई की लंबी उम्र के लिए कड़ी मशक्कत की। देर शाम भाई दूज के बाद बहुत सी बहने अपने घर लौटने के लिए मशक्कत करती दिखीं। भैया दूज पर हर तरफ भीड़ का नजारा दिखाई दिया।
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