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ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, बहनोई घायल

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धनारी/चंदौसी। धनारी थाना क्षेत्र के धनारी-भिरावटी मार्ग पर ट्रैक्टर ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। जिससे साले-बहनोई गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनो का उपचार चंदौसी के एक निजी अस्पताल में कराया गया। जहां उपचार के दौरान साले ने दम तोड दिया। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक युवक अपनी बहन की शादी की दावत देने दूसरी बहन के घर जा रहा था। पुलिस ने ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया गया है।
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थाना क्षेत्र के धनारी पट्टी बालू शंकर का मजरा चूरामन की मडैयां निवासी कृपाल सिंह ( 25) पुत्र कुंमरपाल अपने बहनोई चंद्रसेन पुत्र नरायन सिंह निवासी हथियाखेड़ा थाना हसनपुर जिला जनपद अमरोहा के साथ सोमवार की दोपहर तीन बजे अपनी छोटी बहन रामवती की शादी का कार्ड देने दूसरी बहन के घर हथिया खेड़ा दावत देने जा रहा था। बाइक सवार कृपाल सिंह जब धनारी-भिरावटी मार्ग स्थित हिरौनी तिराहे पर पहुंचा तो सामने से आ रहे ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी।
जिससे बाइक सवार साले-बहनोई घायल हो गये। हादसे के घटना पर मौजूद ग्रामीणों ने ट्रैक्टर पकड़ लिया और घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया। जबकि चालक मौके से भाग गया। दोनो को इलाज के लिए परिजन चंदौसी के निजी अस्पताल चंदौसी लाए। जहां घायल कृपाल सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के परिजन मृतक के शव को लेकर थाने पर पह़ुंच गए। पुलिस ने पंचनामा भर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पिता कुमरपाल ने अज्ञात के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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जिस घर में शहनाई बजनी थी, अब मातम पसरा
धनारी। जिस घर में चार दिन बाद शहनाई बजनी थी, अब उस घर में कोहराम मचा हुआ है। खुशियां मातम में बदल गई है।
मृतक कृपाल सिंह की हादसे मौत के बाद बहन की शादी की खुशियां मातम में बदल गई। मृतक की बहन रामवती की शादी नौ फरवरी को होनी थी। जबकि कृपाल सिंह की अभी शादी नहीं हुई थी। घर में खुशी का माहौल था। लेकिन हादसे ने सारी खुशियों पर पानी फेर दिया। मृतक युवक की मौत के बाद सभी रिश्तेदार मौके पर पहुंच गये। मृतक के बहनोई चंद्रसेन साथ में थे। उन्हीं के घर दावत देने के लिए हथियाखेड़ा जा रहा था। अगर बहनोई घर पर ही दावत मंजूर कर लेता तो शायद कृपाल सिंह उनके गांव न जाता और हादसा टल जाता। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।
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