संभल। बहजोई थाना क्षेत्र की पंवासा पुलिस चौकी में मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट की प्रति लेने पहुंचे ग्रामीणों की दरोगा से तीखी नोकझोंक हो गई। बात बड़ी तो हाथापाई होने लगी। दरोगा के साथ मारपीट भी हो गई। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दो आरोपी भागने में कामयाब रहे। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने आदि के आरोपों में रिपोर्ट दर्ज की है।
बहजोई थाना क्षेत्र के अजीमाबाद गांव में 28 फरवरी को फायरिंग हो गई, जिसमें गोली लगने से महोरा लखूपुरा गांव निवासी भल्लू घायल हो गया। इस मामले में अजीमाबाद के ही दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया। इस पर भल्लू अपने गांव के राम सेवक के साथ गुरुवार की सुबह साढ़े नौ बजे अपनी मेडिकल रिपोर्ट लेने व मामले में अब तक की प्रगति की जानकारी लेने के लिए पंवासा पुलिस चौकी गया। आरोप है कि जैसे ही दरोगा राज कुमार कुशवाहा की नजर दोनों पर पड़ी तो उनका मूड खराब हो गया। व्यवहारिक तरीके से बात नहीं होने पर दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हो गई। दरोगा राज कुमार कुशवाहा का आरोप है कि भल्लू अपने साथ राम सेवक, अतर सिंह व वीरेश को लेकर चौकी आया था। उल्टे सीधे आरोप लगाने लगा। जब उसे रोकने की कोशिश की गई तो वह आग बबूला हो गया। चारों आक्रामक हो गए और मारपीट शुरू कर दी। पुलिस चौकी की केस डायरी फाड़ दी। तमंचा निकाल कर जान से मारने की धमकी। चौकी परिसर में ही बैठे पुलिस कर्मी दौड़े, भल्लू व राम सेवक को पकड़ लिया, जबकि दो अन्य भाग निकले। राम सेवक के पास से तमंचा भी बरामद कर लिया गया। पुलिस चौकी में घुसकर दरोगा के साथ मारपीट किए जाने की घटना की सूचना पर सीओ चंदौसी केके सरोज व बहजोई थाना प्रभारी सतेंद्र पाल भड़ाना पुलिस बल के साथ पहुंचे। पकड़े गए आरोपियों को बहजोई थाना भेज दिया गया। सीओ ने बताया कि चौकी में घुसकर उपनिरीक्षक से मारपीट करने, केस डायरी आदि फाड़ने, जान से मारने की धमकी देने के चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इधर पूर्व एमएलसी व भाजपा नेता भारत सिंह यादव ने पुलिस अधीक्षक को फोन करके कहा कि भल्लू व रामसेवक दो ही व्यक्ति मेडिकल रिपोर्ट लेने गए थे, दरोगा उन्हें देखकर भड़क गया और उनसे मारपीट करने लगा। इन दोनों को झूठा फंसाया जा रहा है, उनके पास तमंचा भी नहीं था। पुलिस इस मामले में अपनी मनमानी कर रही है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।