जुनावई/चंदौसी। सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का जज्बा लिए विश्व योग दिवस पर सड़क पर दौड़ लगाते एक युवक को ओवरलोडेड ट्रक ने कुचल दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने रोड पर डनलप खड़ा करके जाम लगा दिया। सीओ व स्थानीय नेताओं ने लोगों को समझा बुझाकर किसी तरह आधे घंटे बाद जाम खुलवाया। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ट्रक चालक मौके से भाग गया।
गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के असदपुर गांव निवासी जीराज सिंह के अट्ठारह साल के पुत्र नवनीत कुमार ने इसी वर्ष हाई स्कूल उत्तीर्ण किया था। परिवार एवं नवनीत की इच्छा थी कि वह आर्मी में भर्ती होकर देश की सेवा करेगा।
भर्ती में शामिल होने के लिए वह रोजाना सुबह उठकर नरौरा असदपुर जुनावई मार्ग पर दौड़ लगाया करता था। रोजमर्रा की भांति वह शुक्रवार को भी दौड़ लगा रहा था। गांव से सिर्फ सौ कदम की दूरी पर पीछे से आए लोडेड ट्रक ने नवनीत को कुचल दिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कुछ दूरी पर खड़े लोगों ने घटना होते देखकर ट्रक का पीछा किया। दबथरा गांव के लोगों ने रोड पर पत्थर आदि डालकर ट्रक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ट्रक को तेज स्पीड से भगाता हुआ जुनावई साप्ताहिक बाजार में पहुंचा। वहां ट्रक को खड़ा कर भाग गया।
ग्रामीणों ने चालक का पीछा भी किया लेकिन वह मिला नहीं। हालांकि ट्रक के परिचालक को ग्रामीणों ने पकड़कर एक कमरे में बंद कर लिया। मौके पर गुस्साए ग्रामीणों ने डनलप खड़ा करके रोड जाम कर दिया। जिससे दोनों ओर वाहनों की लाइनें लगने लगी। गुन्नौर के सीओ अशोक कुमार, ब्लाक प्रमुख दिव्य प्रकाश, रामू यादव आदि मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझा बुझाकर आधे घंटे बाद जाम खुलवाया।
सीओ अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने कोतवाली प्रभारी को सख्त निर्देश दिए हैं कि ईंटों भरे व अन्य ओवरलोडेड वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया जाए। ऐसा नहीं होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि ट्रक को कब्जे में लेकर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पिता के सपने चकनाचूर
जुनावई। होनहार पुत्र नवनीत की मौत हो जाने के बाद पिता जीराज एवं मां गुड्डो देवी के आंसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। मृतक अपने भाई बहनों में दूसरे नंबर का था। उसका सपना था कि वह सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करेगा। इन्हीं बातों को याद कर करके उसके पिता बिलख रहे हैं। परिजनों ने भी उसे सेना में जाने की तैयारी करने की छूट दे रखी थी लेकिन एक झटके में ही सारे सपने चकनाचूर हो गए।