बहजोई। विकास कार्यों के नाम पर वित्तीय अनियमितताओं पर कार्रवाई करते हुए डीएम ने चार ग्राम प्रधानों के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज किए हैं। यह मामले विकासखंड संभल की ग्राम पंचायत फूलसिंहा, रजपुरा की ग्राम पंचायत ब्यौरा, पवांसा की हैबतपुर व गुन्नौर की ग्राम पंचायत जयरामनगर के हैं।
गुरुवार को जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने बताया कि विकासखंड संभल की ग्राम पंचायत फूलसिंहा के ग्रामीणों की ओर से विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत पर जिला आबकारी अधिकारी व सहायक अभियंता जल निगम से कराई गई जांच में सामने आया कि ग्राम प्रधान की ओर से ईट खड़ंजा बनाए जाने, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपात्रों को लाभ दिलाए जाने व स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने वाले शौचालयों में अनियमितता बरतते हुए 2,64,715 रुपये की शासकीय धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। इस पर ग्राम प्रधान मलखान सिंह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज किए गए हैं। पूरे मामले में अंतिम जांच के लिए जिला गन्ना अधिकारी, सहायक अभियंता लोकनिर्माण विभाग को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
डीएम ने बताया कि विकासखंड रजपुरा की ग्राम पंचायत ब्यौरा के ग्रामीणों की शिकायत पर कराई गई जांच में सामने आया कि ग्राम प्रधान की ओर से इंटरलॉकिंग कार्य, नाली निर्माण व ग्राम पंचायत के अभिलेख उपलब्ध न कराए जाने समेत 3,30,139 रुपये की सरकारी धनराशि के दुरुपयोग को लेकर ग्राम प्रधान विद्याराम के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज किए गए हैं। पूरे मामले में अंतिम जांच के लिए सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता व सहायक अभियंता लोकनिर्माण विभाग को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
वहीं विकासखंड पवांसा की ग्राम पंचायत हैबतपुर के ग्रामीणों की शिकायत पर जांच कराई गई। इसमें सामने आया कि ग्राम प्रधान की ओर से गांव के प्राथमिक विद्यालय की चाहरदीवारी की मरम्मत, सीसी टाइल्स व मॉडल शौचालय निर्माण कार्य, जूनियर हाईस्कूल में सीसी टाइल्स व मॉडल शौचालय निर्माण कार्य समेत प्राथमिक विद्यालय में चाहरदीवारी के निर्माण, मिट्टी भराव कार्य, सीसी टाइल्स, मॉडल शौचालय निर्माण कार्य, खड़ंजा-नाली निर्माण कार्य, सीसी रोड निर्माण, हैंडपंप रिबोर, लोहिया आवास व प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता बरते जाने में 1,02194 रुपये की सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया गया है।
इस पर ग्राम प्रधान अख्तरी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज किए गए हैं। पूरे मामले में अंतिम जांच के लिए सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता व सहायक अभियंता लोकनिर्माण विभाग को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
डीएम ने बताया कि विकासखंड गुन्नौर की ग्राम पंचायत जयरामनगर के ग्रामीणों की शिकायत पर कराई गई जांच में विकास कार्यों में अनियमितता बरते जाने की बात सामने आई। इसमें ग्राम प्रधान की ओर से स्वच्छ शौचालय निर्माण में 8,76000 रुपये की सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। इसके चलते ग्राम प्रधान वीर सिंह के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज किए गए हैं। पूरे मामले में अंतिम जांच के लिए जिला उद्यान अधिकारी व सहायक अभियंता लोकनिर्माण विभाग को जांच अधिकारी नामित किया गया है। डीएम ने बताया कि सभी मामलों में ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के संचालन के लिए त्रिसदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।